गैंगस्टर सोनू के ऑडियो से मचा बवाल,हफ्ता लेने वाली पुलिस पर आरोप,अनंत सिंह का भी आया नाम

Bihar Politics: मोकामा के कुख्यात गैंगस्टर सोनू कथित तौर पर इस ऑडियो में पुलिस पर ‘हफ्ता’ लेने के बावजूद कार्रवाई करने का आरोप लगा रहा है., इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आते ही पुलिस और राजनीति के रिश्तों पर नए सवाल खड़े हो गए हैं.

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में मोकामा से सामने आए इस कथित ऑडियो में गैंगस्टर सोनू पुलिस पर गंभीर आरोप लगाता सुनाई दे रहा है.

सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब बातचीत में पूर्व विधायक अनंत सिंह का नाम सामने आया. इसके बाद यह मामला सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासत के केंद्र में आ गया है.

अनंत सिंह जो कहेगा वही करेंगे?

वायरल ऑडियो में सोनू एक पुलिसकर्मी से बात करते हुए बेहद नाराज नजर आता है. वह आरोप लगाता है कि थानेदार को नियमित रूप से पैसे दिए जाते थे, इसके बावजूद पुलिस ने उसके लोगों और गाड़ियों पर कार्रवाई की. बातचीत में वह यह भी कहता सुनाई देता है कि “लेन-देन” के बावजूद पुलिस ने उसे निशाना बनाया, जो ‘समझौते’ के खिलाफ है.

सोनू ने फोन पर बात करने वाले से कहा, “पंचमहाल थाना प्रभारी कुंदन कुमार ने मेरे साथ ऐसा क्यों किया? पैसा लेकर मेरी गाड़ी पकड़ ली… अनंत सिंह जो कहेगा वही करेंगे? मेरे घर पर आकर धमकाएंगे?” 

सोनू का दावा है कि उसके पास इस पूरे लेन-देन के सबूत हैं और जरूरत पड़ने पर वह उन्हें सार्वजनिक कर सकता है. यही दावा अब पुलिस महकमे सवाल खड़े कर रहा है.

बातचीत का ऑडियो कबका है इसका दावा नहीं किया जा सकता है. ऑडियो में पंचमहला थाने के एसएचओ कुंदन कुमार पर रिश्वत लेने का आरोप लगा रहा है. अनंत सिंह और एसएचओ के बीच मिलीभगत का आरोप लगा रहा है. साथ ही अवैध धंधे में छूट देने की बात भी कह रहा है. 

अनंत सिंह का नाम आने से क्यों बढ़ा मामला?

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा राजनीतिक हलचल अनंत सिंह का नाम सामने आने के बाद हुई है. सोनू का आरोप है कि पुलिस उन पर दबाव में काम कर रही है और उसी के इशारे पर उसके गैंग को टारगेट किया जा रहा है.

पुलिस का मानना है कि यह वायरल ऑडियो पुरानी रंजिश का हिस्सा भी हो सकता है. गैंगस्टर सोनू के आरोपों ने मामले को सिर्फ आपसी दुश्मनी से आगे बढ़ाकर संस्थागत सवालों तक पहुंचा दिया है.

पुलिस पर उठे सवाल

वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं. आरोप है कि अगर वाकई ‘हफ्ता सिस्टम’ जैसा कुछ चल रहा था, तो यह कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए बाढ़ के एसडीपीओ ने साफ किया है कि ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. पुलिस का कहना है कि जब तक ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

यह मामला कई सवाल छोड़ रहा है क्या सच में पुलिस और अपराधियों के बीच कोई ‘सेटिंग’ थी? क्या यह सिर्फ गैंगवार का हिस्सा है या फिर सिस्टम की कोई गहरी परत उजागर होने वाली है?

Also Read: बिहार में पावर शिफ्ट की उलटी गिनती शुरू! CM हाउस में कल होगी ‘फाइनल मीटिंग’, इस्तीफे से पहले NDA का मास्टर प्लान हो रहा तैयार? 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >