अजब बिहार की गजब कहानी ! 1999 में फर्जी तरीके से सिपाही में हुआ था बहाल, 23 साल बाद हुआ खुलासा

Bihar news (Patna): पटना में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर बहाल हुए एक सिपाही के बारे में खुलासा हुआ है. जानकारी के मुताबिक आरोपी सिपाही साल 1999 में गलत कागजातों के आधार पर पटना पुलिस में बहाल हुआ था. अधिक जानकारी के लिए पढ़ें पूरी खबर

पटना: फर्जी तरीके से एससी का सर्टिफिकेट लगा कर सिपाही की नौकरी पाने वाले के खिलाफ बुद्धा कॉलोनी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. मिली जानकारी के अनुसार 23 साल पहले भागलपुर के जगदीशपुर थाने के चकफतमा गांव निवासी सुबोध ने बिहार पुलिस में एससी कोटे से सिपाही नियुक्त हुआ था.

1999 में हुआ था बहाल

किसी ने सुबोध के खिलाफ पुलिस मुख्यालय में लिखित शिकायत की थी, जिसमें बताया गया था कि सुबोध ओबीसी है और फर्जी तरीके से एससी का सर्टिफिकेट 1999 में लगा नौकरी पा ली है. इसके बाद इसकी जांच करायी गयी, जिसमें शिकायत सही पायी गयी.

पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की

नियुक्ति के बाद आरोपी विशेष शाखा के पीटीसी में रहा. अब पटना जिला बल में तैनात है. उसके बाद पुलिस केंद्र के नियुक्ति शाखा के प्रभारी पीके सुमन के लिखित आवेदन पर बुद्धा काॅलाेनी थाना में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

23 साल का पूरा वेतन वसूला जाएगा

बताया जा रहा है कि पुलिस अब उसे गिरफ्तार कर जेल भेजेगी. उसकी नौकरी भी जायेगी और 23 सालों में जितना वेतन लिया है, उसकी भी वसूली होगी. सूत्रों के अनुसार एसएसपी की जांच में पाया गया कि सुबाेध ने सरकारी अभिलेख से छेड़छाड़ की और तथ्यों काे छिपाकर नियुक्ति पायी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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