Bihar Electricity Bill : बिहार में गर्मी की तपिश बढ़ने से ठीक पहले बिजली की कीमतों को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है. बिहार विद्युत विनियामक आयोग आज बुधवार को राज्य के लिए नई बिजली दरों (टैरिफ) की घोषणा करने जा रहा है. ये नई दरें 1 अप्रैल से पूरे राज्य में लागू हो जाएंगी.
नॉर्थ और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने अपनी बढ़ती लागत का हवाला देते हुए सभी श्रेणियों में 35 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव आयोग के सामने रखा है.
35 पैसे बढ़ोतरी का प्रस्ताव
इस बार बिजली कंपनियों ने हर श्रेणी में समान रूप से 35 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाने की मांग की है. अगर यह प्रस्ताव पूरी तरह लागू होता है, तो घरेलू से लेकर कृषि और व्यावसायिक उपभोक्ताओं तक सभी पर असर पड़ेगा.
हालांकि आयोग ने जनसुनवाई के बाद संकेत दिए हैं कि अंतिम फैसले में संतुलन साधने की कोशिश की जाएगी, ताकि आम उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े.
125 यूनिट फ्री बिजली का सुरक्षा कवच रहेगा बरकरार
महंगाई की आशंकाओं के बीच राहत की बात यह है कि राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जारी रहेगा. निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए सबसे बड़ी राहत 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा है, जो नई दरों के बावजूद मिलती रहेगी. कुटीर ज्योति और ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी सरकार ने विशेष सुरक्षा चक्र तैयार किया है.
अपार्टमेंट, सोसाइटी और व्यावसायिक (कमर्शियल) श्रेणियों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, क्योंकि इन क्षेत्रों में कंपनियों ने प्रति यूनिट दर को ₹9.03 से बढ़ाकर ₹9.38 करने का प्रस्ताव दिया है.
शहरी उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी
इस बार की घोषणा में सबसे बड़ा बदलाव शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हो सकता है. सूत्रों की मानें तो आयोग ग्रामीण क्षेत्रों की तर्ज पर शहरों में भी ‘एक समान स्लैब’ व्यवस्था लागू कर सकता है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब आपको इस बात की चिंता नहीं करनी होगी कि कितनी यूनिट खपत करने पर रेट बदल जाएगा.
आप चाहे एक यूनिट बिजली जलाएं या एक हजार यूनिट, दर पूरी तरह समान रहेगी. इस ऐतिहासिक बदलाव से न सिर्फ बिल की गणना आसान होगी, बल्कि मध्यम वर्ग के उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी खपत गर्मी के दिनों में बढ़ जाती है.
किन-किन श्रेणियों पर पड़ेगा असर
प्रस्तावित दरों के अनुसार कुटीर ज्योति, ग्रामीण और शहरी घरेलू श्रेणियों में दर 7.42 रुपये से बढ़कर 7.77 रुपये प्रति यूनिट हो सकती है. वहीं अपार्टमेंट और सोसाइटी के लिए दर 9.03 से बढ़कर 9.38 रुपये तक पहुंच सकती है. कृषि उपभोक्ताओं के लिए भी दर 6.74 से बढ़कर 7.09 रुपये प्रति यूनिट होने का प्रस्ताव है.
