Bihar Cabinet Expansion : एक तारीख 15 अप्रैल 2026 थी. जो इतिहास के पन्ने में दर्ज हो गई है. इस दिन बिहार बीजेपी ने आजादी के बाद पहली बार और भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के 46 साल बाद सम्राट चौधरी के रूप में अपना पहला मुख्यमंत्री बनाया. अब कल 7 मई है, जिसे बीजेपी ऐतिहासिक बनाना चाहती है. ये वो तारीख होगी जब बीजेपी शासित सरकार की कैबिनेट का विस्तार होगा. बीजेपी इस तारीख को न केवल जश्न के रूप में मनाने की तैयारी में है. बल्कि एक भव्य आयोजन के जरिए पूरे प्रदेश को बड़ा संदेश देने की तैयारी है.
शक्ति प्रदर्शन का गवाह बनेगा गांधी मैदान
पटना का गांधी मैदान एक बार फिर बड़े शक्ति प्रदर्शन का गवाह बनने जा रहा है. जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में कैबिनेट का विस्तार होगा. नए मंत्रियों को गांधी मैदान में शपथ दिलाई जाएगी. इसी के साथ बिहार बीजेपी के इतिहास में ये दिन बेहद खास हो जाएगा.
केवल प्रक्रिया नहीं, इवेंट बनेगा समारोह
ये आयोजन सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं होगी बल्कि राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक इवेंट के रूप में नजर आएगा. देश भर की मीडिया बिहार के कैबिनेट विस्तार को कवर करेगी. पटना के गांधी मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम ‘डबल अचीवमेंट’ के रूप में पेश होगा. बंगाल में ऐतिहासिक जीत और बिहार में सरकार बनाने और कैबिनेट विस्तार का यह जश्न साफ संकेत है कि बीजेपी अब पूर्वी भारत में अपने विस्तार को खुलकर प्रदर्शित करने के मूड में है.
‘पेंडिंग पॉलिटिकल मोमेंट’ किया जा रहा पूरा
प्रभात खबर डॉट कॉम ने 14 अप्रैल को ही इस बात की जानकारी दी थी कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के शामिल होने का प्लान है. मगर, तब बंगाल चुनाव में व्यस्तता के कारण ऐसा नहीं हो सका था. इसलिए 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी के साथ दोनों डिप्टी सीएम को शपथ दिलाकर औपचारिकता पूरी की गई थी. मगर अब मौका भी है और दस्तूर भी. मौका बिहार के कैबिनेट विस्तार का है और दस्तूर असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी, बंगाल में पहली बार प्रचंड जीत का. बीजेपी वही ‘पेंडिंग पॉलिटिकल मोमेंट’ पूरा कर रही है. शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी से पार्टी एक मजबूत राजनीतिक संदेश देने की कोशिश करेगी.
पूर्वी भारत में राजनीतिक विस्तार
बिहार में पहली बार सरकार बनाने, पश्चिम बंगाल में पहली प्रचंड जीत और असम, पुडुचेरी में वापसी ने पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ाया है. इसका असर बिहार और बंगाल की सीमा से सटे राज्य झारखंड में भी देखने को मिलेगा. पार्टी इस इवेंट को ‘पूर्वी भारत में राजनीतिक विस्तार’ के तौर पर को पेश करती नजर आने वाली है. जिसका खाका तैयार हो गया है. यानी कल पटना के गांधी मैदान में जीत के जश्न का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. जहां से जनता और विरोधियों दोनों को संदेश देने की कोशिश होगी.
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