Bihar New Highway Projects: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले से पटना और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले दो बड़े हाईवे का निर्माण अब जल्द शुरू होने वाला है. जमीन अधिग्रहण का काम अटका हुआ था, जिसे अब जिला प्रशासन तेजी से पूरा कराने में जुट गया है. इसमें पहला एनएच 139 डब्ल्यू है, जो बेतिया को जगदीशपुर होते हुए सीधे पटना से जोड़ेगा. वहीं दूसरा एनएच 727 एए है, जो बेतिया के मनुआपुल से पिपराघाट के रास्ते यूपी के सेवरही में तमकुही रोड तक जाएगा.
जमीन अधिग्रहण के लिए तय हुई डेडलाइन
सड़क निर्माण की अड़चनों को दूर करने के लिए डीएम तरनजोत सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. एनएच 727 एए के लिए जमीन का काम पूरा करने को साढ़े तीन महीने का वक्त दिया गया है, जबकि एनएच 139 डब्ल्यू के लिए सिर्फ डेढ़ महीने की समय सीमा तय की गई है. जिन इलाकों में जमीन को लेकर लोगों की आपत्तियां हैं, उन्हें भी जल्द सुलझाया जाएगा. काम में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
16 गांवों की जमीन ली जाएगी
किसी भी नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कम से कम 80 फीसदी जमीन अधिग्रहण जरूरी होता है. निर्माण एजेंसी ने भी दो महीने पहले यही शर्त रखी थी. इसके बाद सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे. एनएच 727 एए के लिए 160.93 हेक्टेयर और एनएच 139 डब्ल्यू के लिए 111.80 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है, जिसमें कुल 16 गांवों के किसानों की जमीन शामिल है.
8660 करोड़ की लागत से बनेगा बेतिया-पटना फोरलेन
एनएच 139 डब्ल्यू परियोजना पर कुल 8,660.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. 171.29 किलोमीटर लंबी यह चार लेन वाली सड़क बिहार के छह बड़े जिलों- पटना, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण को एक-दूसरे से सीधे जोड़ेगी. इससे उत्तर बिहार से राजधानी पटना पहुंचना काफी आसान हो जाएगा.
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गंडक नदी पर बनेगा 11 किलोमीटर लंबा पुल
दूसरी तरफ, एनएच 727 एए बेतिया के मनुआपुल से गंडक नदी पार करते हुए यूपी के तिवारी पट्टी को जोड़ेगा. इसकी कुल लंबाई 29.24 किलोमीटर होगी. इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात गंडक नदी पर बनने वाला 11.24 किलोमीटर लंबा विशाल पुल है. इस पूरी परियोजना के निर्माण पर 3,294.16 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
बिहार में कारोबार और सफर को मिलेगी नई रफ्तार
इन दोनों परियोजनाओं के बन जाने से बिहार के सीमावर्ती इलाकों में गाड़ियों की आवाजाही बहुत सुगम हो जाएगी. इससे न सिर्फ आम लोगों का सफर आरामदायक होगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और आर्थिक विकास को भी बड़ी बढ़त मिलेगी. जिला प्रशासन की पूरी कोशिश है कि तय समय के अंदर जमीन का काम निपटाकर सड़क निर्माण का काम तेजी से शुरू करा दिया जाए.
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