समीक्षा . होमवर्क कर आने का अफसरों को दिया निर्देश
आरा : उप विकास आयुक्त इनायत खान की अध्यक्षता में साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गयी. नये वर्ष में विकास योजनाओं विशेष कर जन सरोकार से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से कराने का निर्देश दिया. वही योजनाओं को समय पर पूरा करने का संकल्प भी अधिकारियों ने लिया. बैठक में जिला योजना पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि संबंधित अंचल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर योजनाओं के निर्माण के
लिए भूमि चयन का कार्य पूर्ण करें. योजनाओं के निर्माण के लिए आरा अंचल में सबसे अधिक भूमि की आवश्यकता है. उपविकास आयुक्त ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लंबित योजनाओं तथा चल रही योजनाओं के संबंध में पूरी तरह होमवर्क कर बैठक में आएं. कुछ अधिकारियों द्वारा योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं रखने पर डीडीसी ने उनका क्लास भी लगाया. बैठक में अपर समाहर्ता सुरेंद्र प्रसाद, नगर आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, अनुमंडल पदाधिकारी आरा सदर, जगदीशपुर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
16 हजार किसानों का इस माह तक हो जायेगा रजिस्ट्रेशन
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि निर्देशानुसार कृषि विभाग से संबंधित ”आत्मा” की सभी समितियों को भंग कर दिया गया है. नयी समिति के गठन के लिए कार्रवाई की जा रही है. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि अब तक धान अधिप्राप्ति से संबंधी लगभग 12 हजार किसानों द्वारा निबंधन कराया जा चुका है. इस माह में 16 हजार से अधिक किसानों द्वारा निबंधन कराये जाने की उम्मीद है. महाप्रबंधक उद्योग द्वारा बैठक में बताया गया कि तार के पेड़ से नीरा व गुड़ निर्माण के लिए कृषि विभाग, उद्योग विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के साथ बैठक कर तैयारी की जानी है. उपविकास आयुक्त ने बताया कि सात जनवरी को इससे संबंधी एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयेाजन कृषि भवन के सभागार में किया जायेगा.
एक सप्ताह में रूट चार्ट देने का दिया गया निर्देश
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि जिले के सभी विद्यालयों से अधिक- से- अधिक छात्र-छात्राओं को मानव शृंखला में शामिल करने के लिए कार्य योजना तैयार करें. परंतु विद्यालय के पोषक क्षेत्र के अंदर ही छात्र-छात्राओं को रखा जाये ताकि उन्हें अधिक दूर तक जाना न पड़े. जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जन शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि इस अभियान में उल्लास एवं उत्सव का वातावरण बनाने के लिए पंचायत, गांव, टोला में जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाये. साथ ही इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता सुनिश्चित की जाये. बैठक में निर्देश दिया गया कि ट्रैफिक रूट का निर्धारण कर एक सप्ताह के अंदर पटना भेजें.
