घटनास्थल पर पहुंचे डीआरएम व कई रेल अधिकारी
आरा : दानापुर-मुगलसराय रेलखंड पर गुरुवार की देर रात स्थानीय स्टेशन के समीप प्लेसिंग के दौरान मालगाड़ी का डिब्बा बेपटरी हो गया था. डिब्बे का चक्का रेलवे ट्रैक से बाहर आ जाने से डाउन लाइन में रेलवे का परिचालन आठ घंटे तक बाधित रहा. इसके बाद ढाई बजे रात तक ट्रैक मरम्मत का कार्य चलता रहा. इस दौरान घटनास्थल पर दानापुर के डीआरएम आरके झा तथा एआरटी व सीआइडब्ल्यू के अधिकारी मौजूद थे.
सबसे अहम बात यह रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त अप में राजधानी एक्सप्रेस गुजरने वाली थी.मालगाड़ी का चक्का निकलने के बाद स्थानीय लोगों ने काफी शोरगुल मचाया. उनकी आवाज सुन कर मालगाड़ी के चालक ने ट्रेन को रोक दिया. स्थानीय लोगों के शोरगुल से राजधानी एक्सप्रेस भी दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गयी.
टीम का हुआ गठन, जांच में पायी गयी चक्के में गड़बड़ी : डीआरएम आरके झा ने घटना की जांच करने को लेकर एक टीम का गठन कर दिया है. अब तक की हुई जांच से यह पता चला है कि मालगाड़ी के चक्के में ही तकनीकी गड़बड़ी होने के कारण हादसा हुआ. फिर भी हादसे की हर पहलू की गहनता से जांच करने को लेकर टीम का गठन किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी नहीं हो.
इन ट्रेनों के परिचालन पड़ा असर : डाउन लाइन में मालगाड़ी के डिरेल होने के कारण डाउन में जाने वाली राजधानी-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, पटना-राजधानी एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, पंजाब मेल, विभूति एक्सप्रेस के परिचालन पर प्रभाव पड़ा. इस दौरान यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
रेल फाटक पर लगा जाम, आरपीएफ जवानों के छूटे पसीने : मालगाड़ी के डिरेल होने से पहले से ही डाउन लाइन का परिचालन आठ घंटे तक बाधित रहा. इसके बाद पूर्वी रेल फाटक पर जाम लगने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. जाम छुड़ाने के लिए आरपीएफ के जवानों को काफी पसीने बहाने पड़े. इधर, जाम के कारण अप और डाउन में जानेवाली कई ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ा. जाम के दौरान कई लोग आपस में उलझ भी गये.
ढाई बजे रात तक चला कार्य
मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने के बाद डाउन लाइन का परिचालन पूरी तरह प्रभावित रहा. सबसे पहले डाउन में सिकंदराबाद एक्सप्रेस को पटना के लिए रवाना किया गया, जिससे सारे अधिकारी पटना पहुंचे. घटनास्थल पर अंधेरा होने के कारण कार्य में काफी विलंब हुआ. इस दौरान कई ट्रेनों को मेमो देकर चलाया गया.
गति सीमा हुई निर्धारित, पुल भी हुआ क्षतिग्रस्त : हादसे के बाद लख पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है. ट्रैकों पर हल्की दरारें पड़ गयी हैं. इसे देखते हुए पुल की मरम्मत के साथ-साथ ट्रेनों की गति सीमा भी निर्धारित कर दी गयी है. वहीं डीआरएम ने पूरी तरह से सभी ट्रैक और फिस प्लेट की जांच करने का निर्देश दिया है.
