आंखों में अब भी दिख रहा था खौफ का मंजर
हादसे के बाद सबसे पहले पहुंचे ग्रामीण, घंटों बाद पहुंची रिलीफ ट्रेन
आरा : दुर्घटना के बाद स्पेशल ट्रेन से आरा पहुंचे लोगों के चेहरे पर हादसे का खौफ साफ-साफ दिख रहा था. स्पेशल ट्रेन लगभग 12 बजकर 30 मिनट पर यात्रियों को लेकर आरा स्टेशन पहुंची.आरा स्टेशन पर लगभग 60 यात्री उतरे. इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से लोगों को एनके घर छोड़ने की व्यवस्था की गयी थी. काफी संख्या में परिजन आरा स्टेशन पर इंतजार करते देखे गये. इस खौफनाक मंजर के बारे में यात्रियों ने अपनी जुबानी सुनाई तो सुननेवालों का एक पल के लिए कलेजा थम गया. उनकी आंखों में थकान साफ झलक रही थी. यात्रियों ने बताया कि गाड़ी में मेंटेनेंस में पहले से गड़बड़ी थी. रेलवे द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ.
भगवान का नाम लेकर आरा तक का किया सफर : हादसे के खौफ का असर यात्रियों पर कुछ इस कदर था कि वह कानपुर से लेकर आरा तक आने में सिर्फ और सिर्फ भगवान का नाम लेते रहे. जज कोठी निवासी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि हादसे के बाद कुछ समझ नहीं आ रहा था. ग्रामीणों ने समय से पहुंच कर कई लोगों की जान बचायी. समय से ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिलता, तो स्थिति शायद और भयावह होती. कई लोग हादसे में बचने के पीछे भगवान की असीम कृपा मान रहे थे.
मसीहा बन कर आये ग्रामीण, कई लोगों ने दी दूसरे के परिवार की घटना की सूचना : किसी ने ठीक ही कहा है कि आफत के वक्त भगवान अपने रूप में किसी- न- किसी को मदद के लिए भेज देते हैं. इस घटना के बाद ग्रामीण मसीहा बन कर आये.
कई लोगों के परिवार को दूसरे लोगों ने अपने मोबाइल से इसकी सूचना दी.
