आतंकवाद के खिलाफ आर-पार की लड़ाई जरूरी
पीरो : जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास आर्मी हेड क्वार्टर पर रविवार को हुए आतंकी हमले पर कड़ा रोष प्रकट करते हुए विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इसे कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया़ भाजपा नेता मदन स्नेही, दुर्गा राज, भीम ओझा, लोजपा नेता संजय सिंह सहेजनी समेत कई अन्य ने […]
पीरो : जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास आर्मी हेड क्वार्टर पर रविवार को हुए आतंकी हमले पर कड़ा रोष प्रकट करते हुए विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इसे कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया़ भाजपा नेता मदन स्नेही, दुर्गा राज, भीम ओझा, लोजपा नेता संजय सिंह सहेजनी समेत कई अन्य ने उरी में मारे गये जवानों को अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अब पूरे देश की जनता आतंकवाद और इसको प्रश्रय देने वाले देश के खिलाफ आरपार की लड़ाई के पक्ष में है़ सरकार को इस मामले में अब कड़ा कदम उठाना चाहिये.
दूसरी ओर समाजसेवी एवं युवा नेता उपेंद्र सिंह की देखरेख में धर्मशाला परिसर में आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का आयोजन किया गया़ इस दौरान उपेंद्र सिंह, राहुल मिश्रा, लक्ष्मण प्रसाद आजाद, शेर मोहम्मद खान, आशा देवी, वीरेंद्र मधेशिया, डाक कुदंन पटेल, जग नारायण राम आदि ने कहा कि आज पूरी दुनिया आतंकवाद का दंश झेल रही है़ ऐसे में आतंकवादियो से निपटने एंव उन्हें समूल उखाड़ फेकने के लिए आतंकवाद विरोधी ताकतों को एकजुट होने की जरूरत है़
एनएसयूआई ने पाक का झंडा जलाया. आरा: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन से जुड़े छात्रों द्वारा जम्मू काश्मीर के उरी में भारतीय सीमा से सटे भारतीय सेना के कैंप में अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान द्वारा की गयी आतंकी कार्रवाई के विरोध में पाकिस्तान के झंडे को जज कोठी चौराहे पर जलाया गया. इसके पूर्व छात्रों ने शहीद भवन चौराहा स्थित पार्टी कार्यालय से पाकिस्तान के खिलाफ गगनभेदी नारे लगाते हुए शहर भ्रमण किया और अंत जज कोठी मोड़ पर पाकिस्तान का झंडा जलाया.
इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अभिषेक द्विवेदी ने भारत सरकार से मांग की कि भारत की जमीन पर इस तरह से लगातार किये जा रहे आतंकवादी हमलों के खिलाफ प्रधानमंत्री अपनी चुप्पी तोड़ें और सीमा से सटे सभी आतंकवादी गतिविधियों को समाप्त करने के लिए कोई ठोस कदम उठायें. पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए भारतीय सैनिकों को छुट दी जाये. इस अवसर पर डुलडुल सिंह, राणा सिंह, धनंजय सिंह, चंदन सिंह, राज सिन्हा, राहुल तिवारी, सोनू यादव, विवेक आदि थे.