बढ़ते अपराध के खिलाफ मुहिम
धरना पर बैठे एनडीए कार्यकर्ता.
आरा : एनडीए द्वारा शहाबुद्दीन पर सीसीए लगाने एवं बिहार में बढ़ते अपराध के खिलाफ एक दिवसीय धरना समाहरणालय के समक्ष दिया गया. अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुशवाहा एवं संचालन डॉ हरेंद्र पांडेय ने किया.
धरना के मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश नेता सह लोक लेखा समिति के सभापति नंद किशोर यादव ने कहा कि शहाबुद्दीन जैसे अपराधियों के महागंठबंधन के नेताओं के इशारे पर बेल मिल गया. जिस समय एनडीए की सरकार थी, उस समय अपराधियों में डर था, लेकिन जब महागंठबंधन की सरकार बनी है तब से राज्य में दो कानून हैं. एक कानून अपराधियों को जेल से बाहर लाना और दूसरा जो अपराधी नहीं हैं, उसे शराबबंदी कानून के तहत जेल में डालना.
भाजपा मांग करती है कि शहाबुद्दीन का बेल सुप्रीम कोर्ट से रद्द कराया जाये अन्यथा राज्य की जनता सड़क पर उतरेगी. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह टाइगर ने कहा कि पहले राजधानी फिर जिला मुख्यालय में धरना दिया गया. इसके बाद भी अगर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रखंड और पंचायत स्तर पर भी धरना दिया जायेगा. शाहपुर की पूर्व विधायक मुन्नी देवी ने कहा कि विशेश्वर ओझा के हत्यारों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई. हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि शहाबुद्दीन से पूरे देश के साथ राज्य की जनता डरी हुई है. धरना में सुरेश सिंह, रालोसपा अध्यक्ष प्रवीण सिंह, राजेंद्र तिवारी, सीडी शर्मा, डॉ रमेश कुमार सिन्हा, सुरेंद्र सिंह, भुअर ओझा, कौशल विद्यार्थी, सरस्वती देवी, अफताब आलम, मदन स्नेही, विजय राय, संजय सिंह सहेजनी आदि थे.
शहाबुद्दीन प्रकरण पर मुख्यमंत्री का रवैया रहा ढुलमुल : नंद किशोर
भाजपा ने पूरे प्रदेश में शहाबुद्दीन की गिरफ्तारी के लिए धरना का आयोजन किया है. शहाबुद्दीन प्रकरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का रवैया ढुलमुल रहा है. उक्त बातें लोक लेखा समिति के सभापति नंद किशोर यादव ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि जेल से निकलने के बाद कानून का उल्लंघन हुआ.
टॉल प्लाजा पर टैक्स भी नहीं दिया गया. श्री यादव ने कहा कि सरकार कटघरे में है. उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नेता मानने से इनकार किया. उन्होंने शहाबुद्दीन पर सीसीए लगाने, राज्य बदर करने की मांग की ताकि बिहार में कानून का राज्य कायम रहे.
