कहत रही रे दादा, प्रकाशवा के मत लिया जायी
फफक-फफक कर रो रही थी बैजयंती
आरा : गड़हनी मेला हादसा में बैजयंती के पति बड़हरा थाने के फुहा गांव निवासी सत्येंद्र सिंह तथा उनके पुत्र पंकज कुमार सिंह एवं प्रकाश सिंह भी बुरी तरह झुलस गये. उनके दो पशु भी इस हादसे में जान गंवा बैठे. सदर अस्पताल में बदहवास दौड़ी पहुंची बैजयंती जब अपने पति और पुत्र की यह हालत देखी, तो चित्कार कर रो उठी. कहत रही रे दादा मत लियाजायी प्रकाशवा के ना जाइत त इ हालत ना होईत और फफक-फफक कर रोने लगी.
वह कहती रही कि 10 दिनों में बीएसएफ में नौकरी ज्वाइन करने प्रकाश को जाना था. देर रात तक सत्येंद्र सिंह की स्थिति चिंताजनक थी. चरपोखरी संवाददाता के अनुसार, गडहनी पशु मेले में हुई हादसे से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है. मेले में हाइ टेंशन तार की चपेट में आने से मरने वाले लोगों और घायलों के प्रति दुख व्यक्त किया गया है. स्थानीय विधायक प्रभुनाथ प्रसाद, पूर्व प्रमुख अनिल कुमार सिंह, रामचंद्र सिंह, बृजनंदन सिंह, पूर्व सरपंच शैलेंद्र कुमार, राणा कुमार सिंह, राजद के प्रखंड अध्यक्ष बिमल यादव, जदयू के प्रखंड अध्यक्ष हरेंद्र यादव, सत्यनारायण यादव,
बालेश्वर सिंह, जितेंद्र कुमार अधिवक्ता, मुखिया त्रिवेणी साह, शैलेंद्र यादव, छोटू शर्मा, अमित कुमार और उपमुखिया मुकेश कुमार, तिलेसरी देवी सहित अन्य लोगों ने दुख प्रकट करते हुए मृतकों तथा जख्मी लोगों के परिजनों को मुआवजे की राशि दिलाने की मांग की है.
गया था बेटे की गाय खरीदने, गंवा दी अपनी जान
बेटे के लिए गाये खरीदने गये कामता राय के लिए यह दिन बड़ा अपशगुन रहा. गाय खरीद भी लिया था लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. देखते ही देखते पहले कामता को आगोश में विद्युत करंट ने लिया फिर उसका बेटा भी दौड़ कर अपने पिता को बचाने की चक्कर में करंट की चपेट में आ गया. पिता को तो जान गवानी पड़ी और बेटा गुड्डू बुरी तरह उसकी चपेट में आ गया. और उसे सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने पटना रेफर कर दिया.
