ज्ञानी जैल सिंह की मनायी गयी जयंती
आरा : अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा एवं महागठबंधन के तत्वावधान में पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की 100वीं जयंती जदयू के जिला कार्यालय में मनायी गयी. इसकी अध्यक्षता सुरेश विश्वकर्मा व संचालन चंद्रभानू गुप्ता ने किया. पूर्व राष्ट्रपति के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया गया. मुख्य अतिथ पद से बोलते हुए जदयू […]
आरा : अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा एवं महागठबंधन के तत्वावधान में पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की 100वीं जयंती जदयू के जिला कार्यालय में मनायी गयी. इसकी अध्यक्षता सुरेश विश्वकर्मा व संचालन चंद्रभानू गुप्ता ने किया. पूर्व राष्ट्रपति के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया गया.
मुख्य अतिथ पद से बोलते हुए जदयू के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि ज्ञानी जैल सिंह एक साधारण परिवार में जन्म लेकर अपनी प्रतिभा के बल पर देश के राष्ट्रपति पद को सुशोभित किया, जो प्रेरणादायक हैं. विशिष्ठ अतिथि पद से बोलते हुए भाई ब्रह्मेश्वर ने कहा कि ज्ञानी जैल सिंह एक कुशल राष्ट्रपति के रूप में हमेशा याद किये जाते रहेंगे.
वरिष्ठ जदयू नेता नंदकिशोर यादव ने स्वर्गीय सिंह को एक निर्भीक, दृढ़ निश्चयी व कर्तव्यनिष्ठ राजनेता बताया. अपने अध्यक्षीय भाषण में सुरेश विश्वकर्मा ने कहा कि ज्ञानी जैल सिंह के आदर्शों पर चलकर ही समाज का विकास संभव है. उन्होंने राज्य सरकार से आरा शहर में ज्ञानी जैल सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की. इस मौके पर ओमप्रकाश मुन्ना, राजीव रंजन श्रीवास्तव, सतीश कुमार राणा, संतोष कुमार मेहता, राजू यादव, अमित केशरी, मंटू शर्मा, संजय कुमार चौधरी, जगजीवन राम, चंद्रमा शर्मा, रामाकांत शर्मा, अमलेश कुशवाहा, योगेश प्रसाद मेहता, ओमप्रकाश चौहान, रामबाबू प्रसाद, नरेंश शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये.