विभागीय लापरवाही से बरबाद हो रहा है पानी
कहीं पाइप फटा, कहीं लीकेज, तो कहीं नलों में टोंटी नहीं
आरा : भीषण गरमी के बीच एक ओर आरा नगर निगम क्षेत्र के लोगों में पेयजल को लेकर त्राहिमाम मचा हुआ है और आये दिन जिले के अधिकारियों के यहां प्रदर्शन कर पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग कर हैं. वहीं दूसरी ओर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की लापरवाही से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी नाले में बह कर बरबाद हो रहे हैं. विभाग द्वारा शहर के कई मुहल्लों में बिछायी गयी पेयजल आपूर्ति पाइप वर्षों से देखरेख के अभाव में कहीं फट गये हैं, तो कहीं लीकेज हो गये हैं, तो कई स्थानों पर नल में टोटी नहीं रहने के कारण हजारों लीटर पानी नाले में बहकर बरबाद हो रहे हैं, लेकिन इसे देखनेवाला कोई नहीं है.
मुख्य आपूर्ति पाइप टूट गया है
आरा-गोढना पथ में चार स्थानों पर मुख्य आपूर्ति पाइप टूट गया है, जिससे प्रतिदिन हजारों लीटर पानी सड़क पर बह कर बरबाद हो रहा हैं. वहीं तीन स्थानों पर सामान्य नल में भी टोटी नहीं रहने से भी पानी लगातार बह रहा है. इसी प्रकार सीके रोड में चौधरियाना के पास भी मुख्य आपूर्ति पाइप फट गया है, जिससे हजारों लीटर पानी नाले में बह रहा है, तो कहीं पर नल में टोटी नहीं है. इसके अलावे कई स्थानों पर मुख्य आपूर्ति पाइप फट जाने एवं पानी सड़कों पर बहने की सूचनाएं मिल रही हैं. लेकिन विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं करने के कारण ही पानी की बरबादी जारी है.
स्थानीय लोग बताते हैं इसे विभागीय लापरवाही
गोढना रोड निवासी रामेश्वर प्रसाद, कन्हैया जी व मनीष कुमार बताते हैं कि एक ओर आरा शहर की जनता पानी के अभाव में घोर कठिनाइयों का सामना कर रही है. घरों के चापाकल सूख गये हैं. वहीं मुख्य पाइप फट जाने से घरों के नलों में पानी नहीं जा पा रहा है. यह विभाग की सुस्त रवैये का परिणाम है. अनाईठ निवासी चंदन कुमार चौधरी ने बताया कि विभाग द्वारा पाइप बिछाने के बाद कभी इसकी देखरेख नहीं की जाती है. जबकि इस भीषण पेयजल संकट में विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण करनी चाहिए कि कहां लीकेज हुई या कहां पर पाइप मरम्मत की जरूरत है. विभाग लिखित शिकायत का इंतजार करता है.
क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रसुन्न कुमार कहते हैं कि जेइ को निरीक्षण करना चाहिए. वैसे कर्मियों का अभाव है.
