जिम्मेवार नागरिक होने की निभायी भूमिका
लोग जहां अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ लेते हैं. वैसे में नसीरूद्दीन ने एक जिम्मेवार नागरिक की भूमिका निभाई. उसकी तत्परता और समझदारी ने सरकारी संपति का नुकसान होने के साथ-साथ कई लोगों की जान भी बचा दी. अगर वह भी इस बात की सूचना गेटमैन को नहीं देता, तो हो सकता था कि गरीब रथ दुर्घटना की शिकार हो जाती.
आरा बिहिया : टूटी पटरियों पर ही रेलमंत्री सुरेश प्रभु की कई महत्वपूर्ण ट्रेनें दौड़ती रहीं. खैर, शुक्र इतनी थी कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. नहीं तो, आज नजारा कुछ और होता. ट्रैक की मरम्मती कार्य को लेकर एक घंटे तक डाउन लाइन का परिचालन पूरी तरह बाधित रहा.
इस दौरान गरीब रथ बिहिया स्टेशन और डाउन में जाने वाली कई ट्रेनें अलग-अगल स्टेशनों पर खड़ी रही. सूचना मिलने के साथ ही रेल विभाग पूरी तरह हरकत में आ गया, जिसके बाद ट्रैक की मरम्मत करायी गयी. मरम्मत कराने में एक घंटे का समय लग गया. इससे रेलवे के परिचालन पर खासा असर पडा.
यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी : ट्रैक मरम्मत कार्य कराने को लेकर बिहिया स्टेशन सहित रघुनाथपुर और डुमरांव में ट्रेनों को रोके रखा गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पडा. इस दौरान यात्री काफी परेशान दिखे. सबसे
ज्यादा परेशानी बच्चों और वृद्धों को उठानी पडी.
टूटी पटरियों पर दनादनाती हुई निकल गयीं ये ट्रेनें : जब तक इसकी सूचना विभाग को मिलती. इसके पहले ही अति महत्वपूर्ण ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्णक्रांति एक्सप्रेस तथा दो और ट्रेनें दनदनाती हुई टूटी पटरियों से गुजर चुकी थी. इसके पहले भी दानापुर-मुगलसराय रेल खंड पर इस तरह की घटनाएं घट चुकी है. अगर इन छोटी-छोटी चीजों से रेलवे विभाग सबक नहीं लेता है, तो कभी-कभी बडा हादसा हो सकता है.
