आरा : नगर निगम की स्थापना के लगभग नौ वर्ष बीत चुके हैं. स्थापना के पूर्व आम जनमानस ने अनेक प्रकार के सपने संजोये थे. मसलन सड़कें चकाचक होंगी, विद्युत, पेयजल, डिलक्स शौचालय, सिवरेज, स्ट्रीट लाइट आदि बुनियादी सुविधाएं मुहैया होगी. इनके अलावा पैदल चलने के लिए फुटपाथ, नगर बस सेवा, रिंग रोड, आकर्षक पार्क आदि होंगे. परंतु सच यही है कि उपर्युक्त सपने ख्याली पुलाव ही साबित हुए हैं. हर तरफ सब कुछ वैसा ही है, जैसा नगरपालिका के समय में था. जो कुछ बदलाव नजर आते भी हैं, तो वह है घरों का टैक्स बढ़ जाना.
सपने दिखाने में बीते नौ साल
आरा : नगर निगम की स्थापना के लगभग नौ वर्ष बीत चुके हैं. स्थापना के पूर्व आम जनमानस ने अनेक प्रकार के सपने संजोये थे. मसलन सड़कें चकाचक होंगी, विद्युत, पेयजल, डिलक्स शौचालय, सिवरेज, स्ट्रीट लाइट आदि बुनियादी सुविधाएं मुहैया होगी. इनके अलावा पैदल चलने के लिए फुटपाथ, नगर बस सेवा, रिंग रोड, आकर्षक पार्क […]
