जैसे-जैसे गरमी प्रचंड रूप धारण कर रही है,वैसे-वैसे अगलगी की घटनाएं भी बढ़ती जा रही है.तेज पछुआ हवा के कारण थोड़ी सी चिंगारी भी विकराल रूप धारण कर प्रचंड आग में तब्दील हो जा रही है और देखते ही देखते लोगों के घर जलकर राख हो जा रहे हैं. एक तो प्रचंड गरमी, ऊपर से छत का न होने से गरीबों के लिए यह गरमी एक काल बनकर रह गयी है.
शाहपुर/बिहिया : शाहपुर प्रखंड के दियारा क्षेत्र स्थित लालू के डेरा गांव में शनिवार की रात को अगलगी में 36 झोपड़ीनुमा घर जलकर राख हो गये. घटना में एक गाय और 4 बकरी जलकर मर गयी, जबकि एक महिला समेत कई मवेशी जख्मी हो गये. घायल महिला को जख्मी अवस्था में बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल आरा भेज दिया गया है.
घटना के बाद ग्रामीणों द्वारा आग पर काबू पाने के लिए अथक प्रयास किया गया परन्तु तेज पछुआ हवा के कारण सारे प्रयास विफल हो गये और देखते हीं देखते सभी झोपड़ियां घर के सारे सामान सहित जलकर राख हो गयी. बाद में फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी घटनास्थल पर पहुंची ,परंतु तब तक सबकुछ खत्म हो गया था.
घटना को लेकर गांव में पूरी रात अफरा-तफरी मची रही. आग से झूलसे लोगों के इलाज के लिए शाहपुर स्थित रेफरल अस्पताल के डॉक्टर व कर्मियों की टीम रात में हीं गांव में पहुंच गयी और घायलों का इलाज किया. अगलगी की इस घटना में राम सिंघासन प्रसाद, धर्मेन्द्र प्रसाद, अनिल प्रसाद, श्रीनिवास प्रसाद जयप्रकाश पासवान, ओमप्रकाश पासवान, राम प्रसाद, कन्हैया पासवान, वीरेन्द्र पासवान, भीम पासवान, शिवनाथ पासवान, रामजी पासवान, रासबिहारी पासवान, अयोध्या पासवान, सुरेश पासवान, मनोज पासवान, रविन्द्र पासवान, मुन्ना पासवान,
दिलीप कुमार, अशोक कुमार व शिवविलास पासवान समेत 36 लोगों के झोपड़ीनुमा घर समेत बर्तन, बिछावन व कपड़ा समेत सब कुछ जलकर नष्ट हो गया. अगलगी के कारण सभी परिवार खुले आसमान के नीचे आ गये हैं. घटना को लेकर रविवार को क्षेत्रीय विधायक राहुल तिवारी, एसडीएम बालमुकुंद प्रसाद व बीडीओ प्रशांत कुमार गांव में पहुंचे और अग्नि पीड़ितों के बीच आपदा राहत कोष से प्रत्येक परिवार को 6800 रुपया और खाद्यान्न हेतु तीन-तीन हजार रुपये नकद वितरित किया.
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बरतें सावधानियां
गरमी आते ही कुछ सावधानियां बरतने पर अगलगी की घटनाओं पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है. जब भी कभी चूल्हा जलाएं तो हमेशा राख पर पानी जरूर डालें व ध्यान दें कि आग बुरी तरह से बंद हुई है या नहीं. मवेशियों को घरों में खुली जगहों पर रखें जिससे कि आग लगने के दौरान वे इधर-उधर जा सकें.
