एक माह में किसान के घर पहुंचा 6 लाख रुपये का बिल
बिल देखते ही छूटे कई उपभोक्ताओं के पसीने
आरा : लगता है, विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को गलत विद्युत विपत्र देने एवं उपभोक्ताओं को परेशान करने की एक परंपरा सी बन गयी है. इब्राहिमनगर मुहल्ले के अमीरचंद मेहता को फरवरी माह का पांच लाख, 65 हजार 217 रुपये का विद्युत विपत्र मिलने से उनका पूरा परिवार सकते में हैं. इनका उपभोक्ता संख्या-सीएन-इ11013 है. पेशे से सब्जी उत्पादक मेहता ने बताया कि मेरा हर माह 200-300 रुपये ही विद्युत विपत्र आते हैं,
लेकिन जब फरवरी का विद्युत विपत्र आया, तो उसे देखकर मेरा पूरा परिवार हैरान व परेशान हो गया. हालांकि यह समस्या सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि विभाग में अनगिनत लोगों की यहीं समस्याएं आम है.
नई मुहल्ला की शकुंतला कुंवर को 6 हजार के विद्युत विपत्र दिये गये हैं. वह कार्यालय में अधिकारियों से हाथ जोड़कर अनुनय-विनय कर रही थी कि साहब, मैं घरों में पोछा का काम करती हूं. एक बल्ब जलाती हूं. इतना बिल कैसे आ गया.
गोरियाटोली, अनाईठ के विजय यादव को लगभग 6 लाख रुपये का विद्युत विपत्र दिया गया था. वह पशुपालक है और जैसे-तैसे परिवार का भरण-पोषण करता है. वह कह रहा था कि मैं कमाते-कमाते मर भी जाउऊंगा, तब यह बिल जमा नहीं कर पाऊंगा. यह सिर्फ दो-तीन लोगों की बात नहीं है, बल्कि हर माह 40 प्रतिशत उपभोक्ताओं की इसी तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है. किसी को पांच हजार, तो किसी को 20 हजार, तो किसी को लाखों के विद्युत विपत्र भेज दिये जा रहे हैं. जिसे सुधरवाने के लिए उपभोक्ताओं को अधिकारियों के आगे-पीछे भाग-दौड़ करनी पड़ती है. इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि कंप्यूटर से बिल निकालने में गड़बड़ियां हो जा रही है,जिसे सुधार दिया जाता है.
