आरा : पाकिस्तान से लौटी गीता के असली वारिस को लेकर एक नया मोड़ आ गया है. आरा के बरहबतरा मोहल्ला निवासी नौशाद अंसारी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को फोटो के साथ एक पत्र भेज कर गीता को अपने पुत्री होने का दावा किया है.
इसको लेकर गृह विशेष विभाग ने नौशाद अंसारी के दावे के सत्यापन के िलए डीएम को एक पत्र भेजा है, जिसके आलोक में डीएम ने परिजनों से इस संबंध में पूछताछ भी की है. इस दौरान परिजनों ने फोटो के साथ गीता को अपनी पुत्री होने का दावा किया गया है. फिर भी इस मामले के एसडीओ से डीएम ने जांच रिपोर्ट की मांग की है.
डीएनए टेस्ट के बाद ही गीता के
असली वारिस का फैसला हो पायेगा. इसके पूर्व प्रशासन परिजनों द्वारा सौंपे गये फोटो को इंदौर आश्रम में रह रही गीता के पास भेजेगा. मूक-बधिर गीता द्वारा फोटो की पहचान करने के बाद ही डीएनए जांच होगी. गीता को फहमीदा खातून ने अपनी बेटी फरजाना खातून बताया है. बरसात के मौसम में छह साल पूर्व बागीचे से रहस्मय ढंग से गायब हो गयी थी, जिसको लेकर परिजनों ने काफी खोजबीन की थी, लेकिन अब तक उसका कुछ पता नहीं चल पाया था.
फहमीदा ने बताया कि गीता ने अपने परिवार के बारे में जो बातें बतायी हैं, उनसे लगता है कि गीता मेरी बेटी फरजाना है. फोटो के जरिये नौशाद के पांच पुत्रों और दो बेटियों की पहचान करायी जायेगी. नौशाद के बड़े बेटे का नाम मो नरसीद अंसारी, दूसरा मो मकसुद अंसारी, तीसरा मो सद्दाम हुसैन, चौथा टीपू सुल्तान उर्फ अरसद हुसैन व पांचवा दानिश रिजवान और दो बेटियां लाड़ली खातून और गुलशन खातून है, जबकि आठवीं संतान गीता उर्फ फरजाना है.
गीता ही है गांव की फरजाना : नगर थाना क्षेत्र के बरहबतरा गांव के लोगों का कहना है कि गीता ही हमारे गांव की फरजाना है. जब से टीवी के जरिये लोगों ने उसकी तसवीर देखी है, तब से उसके तसवीर और हाव -भाव से गीता को ही अपनी गांव की बेटी बता रहे हैं.
िफलहाल इंदौर के एक आश्रम में रह रही गीता
आरा निवासी नौशाद ने अपनी बेटी होने का किया दावा, केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा फोटो
गृह विभाग ने भोजपुर जिला प्रशासन से मांगी जांच रिपोर्ट
छह वर्ष पूर्व बरसात में हुई थी गायब, मां ने की पुष्टि
