कॉलेजों में छात्रों के बीच शोध की बढ़ाएं एक्टिविटी

एक्सपर्ट ने बारीकियों से प्राचार्यों को नैक के बारे में दी जानकारी आरा : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के शेरशाह प्रशासनिक भवन के सभागार में कुलपति प्रो लीलाचंद साहा की अध्यक्षता में नैक ग्रेडेशन को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें एक्सपर्ट के रूप में एलएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो अमरेंद्र नारायण एवं […]

एक्सपर्ट ने बारीकियों से प्राचार्यों को नैक के बारे में दी जानकारी

आरा : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के शेरशाह प्रशासनिक भवन के सभागार में कुलपति प्रो लीलाचंद साहा की अध्यक्षता में नैक ग्रेडेशन को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें एक्सपर्ट के रूप में एलएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो अमरेंद्र नारायण एवं एएन कॉलेज पटना के प्रो हरिद्वार सिंह उपस्थित थे.
कार्यशाला में सभी अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्य एवं नैक को-आर्डिनेटर उपस्थित हुए. इनके द्वारा अबतक की गयी नैक से संबंधित तैयारियों की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी. एक्सपर्ट प्रो अमरेंद्र नारायण एवं प्रो हरिद्वार सिंह ने नैक ग्रेडेशन को लेकर सारी पहलुओं की जानकारी दीं. नैक ग्रेडेशन को लेकर जो अर्हताएं कॉलेजों में होनी चाहिए, उसे पूरा करने के साथ-साथ उसकी तैयारी किस तरह से की जाये. इसे विस्तार से बताया. छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग कॉमन रूम, शौचालय, खेलने के लिए इंडोर स्टेडियम, कैंपस की साफ-सफाई, हरियालीयुक्त कैंपस, कंप्यूटराइज्ड लाइब्रेरी सहित अन्य बिंदुओं पर ध्यान देने एवं पूरा करने को कहा, जिससे नैक की टीम अगर निरीक्षण करने आये, तो संतुष्ट हो और अच्छा ग्रेड मिले. इनका कहना था
कि कंप्यटराइज्ड लाइब्रेरी एक-दूसरे से जुडी होने के साथ-साथ लाइब्रेरी की किताबों की डिस्पले हो. एक्सपर्ट ने प्राचार्यों को बताया कि कॉलेजों में शोध की एक्टिविटी बढायें, शिक्षकों के शोध पत्रों का डिस्पले भी किया जाये. कम-से-कम कॉलेज में दो स्मार्ट क्लास हों, इस पर ध्यान रखा जाये. समय-समय पर सेमिनार भी जरूरी है. कॉलेज के पांच वर्ष में उतीर्ण छात्रों की रेकर्ड रखें एवं पूर्ववर्ती छात्र संघ भी होना चाहिए. नैक के लिए यह भी जरूरी है कि प्राचार्य टीम वर्क के साथ शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सहयोग लेते हुए हर बिंदु को पूरा करें. क्योंकि जब टीम निरीक्षण करने आती है, तो सभी से पूछताछ भी करती है.
एक्सपर्ट का कहना था कि नैक की टीम एक हजार प्वाइंट के साथ निरीक्षण करने आती है, जिसमें 50 अंक भवन पर मिलता है. ऐसे में जरूरी है कि 950 अंक, जो छोटी-छोटी बिदुओं को देखते हुए टीम देती है. इसे पूरा किया जाये. इसमें छात्रों की बुनियादी सुविधाएं बेहतर, शोध आदि शामिल हैं. कुलपति प्रो साहा ने बताया कि कार्यशाला सफल रहीं, क्योंकि एक्सपर्ट के रूप में उपस्थित दोनों सदस्य अपने-अपने कॉलेजों को ए ग्रेड दिला चुकें हैं.
ऐसे में इनके सुझाव व बतायी गयी बातें काफी महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे कॉलेज, जो अबतक एसएसआर जमा नहीं कर पाये हैं, उन्होंने अप्रैल तक जमा करने का भरोसा दिलाया. विवि को उम्मीद है कि वर्ष के अंत तक सभी कॉलेज नैक से जुड जायेंगे. बैठक में सीसीडीसी डॉ जमील अख्तर, अध्यक्ष छात्र कल्याण डॉ सत्यनारायण सिंह, प्राचार्य डॉ रामजन्म शर्मा, डॉ सीएस साहा, डॉ राजेंद्र प्रसाद, डॉ कामिनी सिन्हा, डॉ आभा सिंह सहित सभी प्राचार्य शामिल थे.

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