गरीबी मिटाओ अभियान संगठन की सभा आयोजित
आरा : देश की 127 करोड की आबादी में आज भी 90 करोड लोग गरीब हैं. जबकि देश को आजाद हुए 68 साल गुजर गये और अबतक कई सरकारें बनी, लेकिन लोगों की गरीबी की प्रतिशत में अनुकुल परिवर्तन नजर नहीं दिखता. आखिर इसका कारण क्या है. निश्चय ही हमारे देश के शासक वर्ग में कहीं-न-कहीं खामियां जरूर रही है.
इस पर हम गरीबों को विचार करने का समय आ गया है. उक्त बातें शनिवार को रमना मैदान में गरीबी मिटाओं अभियान संगठन की आयोजित सभा में संयोजक सह संस्थापक श्याम प्रसाद ने संबोधित करते हुए कही. सभा की अध्यक्षता सीतापति सिंह और संचालन नीरज सिंह कुशवाहा ने किया. उन्होंने कहा कि आज गरीबी के साथ-साथ बेरोजगारों की भी एक बहुत बडी फौज बन गयी है. इसके पीछे कारण है कि अबतक जिसकी भी सरकार बनी, उसकी रोजगार नीति सही नहीं रही है. वहीं अबतक देश में कर्ज लेने की जो नीति है. वह भी इतनी जटिल है कि आसानी से कर्ज लेकर कोई रोजगार-धंघा भी नहीं कर सकते हैं. जबकि एक उद्योगपति को करोडों रुपये कर्ज आसानी से मिल जाते हैं.
श्री श्याम ने कहा कि किसानों की हालत की सबको पता है. पिछले कई सालों से देश के किसान आत्महत्या कर रहे हैं. इसकी जानकारी एक संतरी से लेकर मंत्री तक है, लेकिन आज तक इसका बडे-बडे अर्थशास्त्री, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि इसका समाधान नहीं निकाल सके. यह विषय निश्चय ही गंभीर है और किसानों को गोलबंद होकर खुद इसका हल निकालना होगा. उन्होंने कहा कि आज देश की सभी विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार का ग्रहण लगा हुआ है.
बिना भ्रष्टाचार की कोई योजना जमीन नहीं दिखती है. साथियों, आपको इन मुद्दों पर विचार करना होगा और इसके लिए मिलजुलकर संघर्ष करना होगा, तभी गरीबी से निजात संभव है. सभा को विनेश कुमार पासवान, डॉ राज कुमार, कामेश्वर सिंह कुशवाहा, अशोक सहगल, अब्दुल मनान, धनंजय कमार आदि ने भी संबोधित किया.
