सरस्वती मां की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे कारीगर

आरा़ : सरस्वती पूजा को लेकर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल कायम हो गया है़ बाजारों में पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर चहल-पहल बढ़ गयी है़ वहीं छात्र-छात्राएं मां की पूजा की तैयारी को लेकर दिन-रात लगे है़ं विभिन्न चौक-चौराहों पर पूजा पंडाल बनाये जा रहे हैं. लेकिन इस बार सरस्वती […]

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आरा़ : सरस्वती पूजा को लेकर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल कायम हो गया है़ बाजारों में पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर चहल-पहल बढ़ गयी है़ वहीं छात्र-छात्राएं मां की पूजा की तैयारी को लेकर दिन-रात लगे है़ं विभिन्न चौक-चौराहों पर पूजा पंडाल बनाये जा रहे हैं. लेकिन इस बार सरस्वती पूजा की तारीखों को लेकर लोगों में काफी असमंजस की स्थिति देखी जा रही है़ कोई 12 फरवरी, तो कोई 13 फरवरी को सरस्वती पूजा होने की बात कह रहे है़ं

परंतु जैसी हर तरफ से सूचनाएं मिल रही है कि ज्यादा स्थानों पर 13 फरवरी को ही सरस्वती मां की आराधना की जा रही है़ वहीं सरस्वती मां की मूर्तियां बनाने वाले कारीगर भी मूर्तियों को अंतिम रूप देने में रात-दिन लगे हैं. इधर सरस्वती पूजा मनाने वालों पर महंगाई का स्पष्ट असर देखने को मिल रहा है़ छोटी मूर्तियों की कीमत एक सौ से 500 रुपये तक की है,

जबकि बड़ी मूर्तियां पांच हजार से लेकर 20 हजार तक की है़ फल, पूजन सामग्री, सजावट के सामान आदि की कीमतें भी आसमान छू रही है. पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में सभी वस्तुएं कुछ महंगी हो गयी है़ उधर सभी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों में भी सरस्वती पूजा मनायी जा रही है़ कई विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम की भी तैयारियां की गयी है़ जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में नवयुवक समितियों ने नाटक एवं देवी जागरण की भी तैयारी की है़

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