पीरो : हसनबाजार गोला निवासी स्व गुलाब मियां की पत्नी नुरैशा खातून पिछले कई महीनों से न्याय के लिए भटक रही है़ उसकी गुहार नक्कारखाने में तूती की आवाज साबित होती नजर आ रही है़ पुलिस प्रशासन से लेकर अनुमंडल के संबंधित पदाधिकारियों के पास गुहार के बावजूद न्याय नहीं मिलने से निराश नुरैशा कहती है कि उसे न्याय नहीं मिला,
तो वह अपनी जान देने को तयार है़ वह अपने छोटे बेटे जुमराती अली के साथ हसन बाजार स्थित बिहार सरकार द्वारा आंवटित जमीन पर बने मकान में रहती थी़ वर्ष 2014 में बेटे की मौत हो जाने के बाद गांव के ही दबंगों ने उसके दूसरे पुत्र नेसारुल हक को अपने साथ मिला लिया और इंदिरा आवास पास कराने का झांसा दे एक कागज पर अंगूठे का निशान ले लिया़ इसी बीच वह कुछ दिन के लिए बक्सर स्थित अपनी बेटी की ससुराल चली गयी. जब वह वहां से लौट कर आयी,
तो घर में ताला लगा हुआ था़ जब उसने अपने घर में घुसने का प्रयास किया, तो दबंगों द्वारा उन्हें जबरन रोक दिया गया और कहा गया कि उसके पुत्र ने उक्त मकान को उनसे बेच दिया है़ महिला के अनुसार उनका मकान सरकारी गोला की जमीन पर बना है़, जिसे बेचने और खरीदने का अधिकार किसी को नहीं है़ दो दिन पूर्व उसने पूरे प्रकरण का जिक्र करते हुए न्याय के लिए पीरो के डीएसपी एवं एसडीएम को आवेदन दिया है़ डीएसपी सहित अन्य अधिकारियों को दिये गये आवेदन में पीड़िता ने बताया है कि दबंगों के डर से वह नासरीगंज स्थित अपने दामाद के घर में रह रही है़
