अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर रसोइया संघ ने निकाली रैली
जुल्फीकार अली की अगुआई में कलेक्ट्रेट के समीप दिया धरना
आरा : राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट, भोजपुर के बैनर तले सोमवार को रसोइयों ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर विशाल रैली निकाली और समाहरणालय के समक्ष धरना दिया़ इसका नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय महासचिव जुल्फीकार अली ने किया़ रैली में शामिल रसोइयों ने हाथों में कलछुल, बेलन, छनवटा, छोलनी आदि लेकर नारे लगा रही थी- एक हजार में दम नहीं, छह हजार से कम नहीं. रैली रमना मैदान से निकली और शहर के विभिन्न मागा से होते हुये समाहरणालय पहुंची और वहां धरने में तब्दील हो गयी़
धरना को संबोधित करते हुये महासचिव श्री अली ने कहा कि वर्तमान में रसोइयों की स्थिति बंधुआ मजदूर से भी बदतर हो गयी है़ न तो इनकी काम की सुरक्षा है और न ही जीने लायक पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है़ इन्हें मनमाने तरीके से विद्यालय में रखा जाता है और मनमाने तरीके से ही हटा भी दिया जाता है़
्उन्होंने कहा कि इन रसोइयों का आर्थिक, सामाजिक, मानसिक शोषण किया जा रहा है़ फुलटाइम ड्यूटी कराकर 35 रूपये मजदूरी देना आर्थिक शोषण है. भ्रष्टाचार के चलते समाज में रसोइयों की स्थिति मानक के अनुरूप मानदेय नहीं मिलने से चोर जैसी बनी हुयी है़ मुखिया एवं प्रधानाध्यापक द्वारा यह कह कर डराया जाता है
कि हम तुम्हें जब चाहेंगे, हटा देंगे़ उन्होंने रसोइया के काम की गारंटी एवं हर माह छह हजार रुपये मानदेय देने की मांग की़ बिहार प्रदेश कोषाध्यक्ष सरस्वती कुंवर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार एमडीएम योजना को ठेकेदारों को देने की साजिश कर रही है़ इसका हमलोग पुरजोर विरोध करेंगे़
फ्रंट के जिलाध्यक्ष हीरालाल यादव ने कहा कि भारत के हरेक नागरिक को गरिमापूर्ण जीने का अधिकार है और काम के अनुरूप उचित मजदूरी भुगतान सरकार की बाध्यता है़ इसलिये मानदेय छह हजार होनी चाहिये और सीधे बैंक खाता से भुगतान होना चाहिये़ उन्होंने आगामी 10 मार्च को दिल्ली के जतर-मंतर पर विशाल रैली और धरना में भाग लेने का आह्वान किया़ धरना को सुनैना मांझी, चमेली सिंह, कबुतरी देवी, रामपरीखा पासवान, प्रमोद कुमार आदि ने संबोधित किया़
