नया पुल 2018 में बन कर होगा तैयार, सॉयल टेस्टिंग के बाद शुरू हुई पायलिंग
1.86 लाख करोड़ रुपये की लागत से होगा नये पुल का निर्माण
बबुरा-छपरा पुल के शुरू होते ही पुराने पुल पर बढ़ेगा वाहनों का दबाव
सांसद आरके सिंह ने किया गोरया घाट के समीप निर्माण कार्य का शुभारंभ
कोइलवर : भोजपुर को राजधानी से जोड़नेवाला लाइफलाइन कहे जाने वाले कोइलवर स्थित अब्दुलबारी पुल पर वन-वे ट्राफिक की समस्या आने वाले दो वर्षो तक और जटिल होने वाली है़ क्योंकि बबुरा-छपरा सड़क पुल के शुरू होते ही अचानक कोइलवर पुल पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ जायेगा़ जिससे जाम कि समस्या और विकट होने वाली है़ लेकिन जाम व वन-वे से निजात मिले, उसके लिए लोगो को पूरे दो साल इंतजार करना होगा़ कोइलवर सोन नद पर बन रहा नया फोर लेन पुल के जनवरी 2018 में तैयार होने की बात कही जा रही है़
इसे लेकर आरा के सांसद आरके सिंह ने 30 जनवरी को कोइलवर स्थित गोरया घाट से ठीक सामने सोन नद के पूर्वी छोर व रेल पुल से एक हजार फुट उत्तर मिट्टी जांच कर पाइलिंग कार्य का शुभारंभ किया था़. इस निर्माण कार्य में एनएचएआइ, एसपी सिंघला व पीएनसीभी इंफ्राटेक के अधिकारियों की पूरटीम भी उपस्थित थी़
दो साल की देरी से हो रहा बबुरा-छपरा पुल निर्माण : बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अंतर्गत एसपी सिंगला द्वारा भोजपुर-छपरा को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर पुल निर्माण जुलाई 2014 में पूरा होना था़ फिर इसे मार्च 2015 में तैयार करने की बात कही गयी़
अब इसे जुलाई 2016 में तैयार करने की सूचना है़ हालांकि, पुल निर्माण में आयी तकनीकी खराबी व भूमि अधिग्रहण की दिक्कतों के कारण तय समय पर कार्य समाप्ति को लेकर अब भी संशय है. बबुरा-डोरीगंज पुल के शुरू होते ही सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, यूपी के गोरखपुर, देवरिया, बलिया समेत कई शहर से राजधानी पटना पहुंचने के लिए कोइलवर पुल सबसे सुगम रास्ता होगा़ ऐसे में पुल पर वाहनों का दबाव बढ़ेगा व यातायात व्यवस्था चरमरा जायेगी.
