वर्ष 2014 में ही नगर पंचायत ने तेंदुनी चौक पर ऑटो स्टैंड व सब्जी मंडी के पास मोटरसाइकिल स्टैंड की योजनाओं को किया था पारित
चौक के सुंदरता को बचाने के लिए पूर्व विधायक के बनाये गये तोरणद्वार को तोड़ा गया और महापुरुषों की मूर्तियां हटायी गयीं
बिक्रमगंज (रोहतास) : दो सगी बहनों की मौत के बाद नगर को अतिक्रमणमुक्त करने के प्रशासन के प्रयास को हर मोड़ पर विरोध झेलना पड़ रहा है.
वर्ष 2014 में ही नगर पंचायत द्वारा पारित ऑटो स्टैंड व मोटरसाइकिल स्टैंड बनाने की योजना में पेच फंसने लगा है. तेंदुनी चौक पर बननेवाले ऑटो स्टैंड के लिए मिट्टी भराई का काम शुरू होते ही आसपास के दुकानदारों व मकान मालिकों ने आपत्ति जताते हुए बिक्रमगंज एसडीओ को आवेदन दिया है.
अपने आवेदन में दुकानदारों व मकान मालिकों ने कहा है कि ऑटो स्टैंड बनने से तेंदुनी चौक को अतिक्रमणमुक्त रखने के तत्कालीन प्रशिक्षु एसडीओ सीके अनिल के सपनों को धक्का लगेगा. उन्होंने वर्ष 1993 में ही लोहे के खंभे गड़वा कर तेंदुनी चौक से 500 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण से चौक को मुक्त रखने का निर्देश दिया था. बिक्रमगंज के तत्कालीन विधायक सूर्यदेव सिंह के कोटे से चारों मार्गों में निर्मित तोरणद्वारों को तोड़ा गया और सभी महापुरुषों की मूर्तियों को हाइकोर्ट के आदेश पर हटवा दिया गया था.
याचिकाकर्ता तेंदुनी निवासी अनिरुद्ध सिंह का कहना था की तोरणद्वार व मूर्तियों की स्थापना से चौक पर अतिक्रमण होगा और इसकी सुंदरता बिगड़ जायेगी. ऐसे में उक्त चौक पर ऑटो स्टैंड कैसे बनेगा, यह बड़ा सवाल है. पूर्व विधायक डॉ सूर्यदेव सिंह ने बताया कि उनके जिंदा रहते कोई भी अधिकारी झुग्गी-झोंपड़ी वालों को नहीं हटा सकता. जिस तेंदुनी चौक को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए चारों मार्गो में बने तोरणद्वारों को तोड़ दिया गया और महापुरुषों की मूर्तियां उखाड़ दी गयीं,
वहां कोई ऑटो स्टैंड कैसे बनाया जा सकता है. क्या ऑटो स्टैंड बनाने से तेंदुनी चौक पर अतिक्रमण नहीं होगा? चौक के आसपास किसी भी प्रकार के निर्माण का वह विरोध करेंगे.
