आरा : कड़ाके की इस ठंड में लोगों को बहुत ही सावधानी बरतनी चाहिए. खाली पेट ज्यादा नहीं रहे. पैर एवं कान को पूरी तरह ढक कर रखे. क्योंकि ठंड लगने की संभावना सबसे ज्यादा यही से होती है. साथ ही गुनगुना पानी का प्रयोग करें. यह सलाह है शहर के प्रसिद्ध होमियोपैथ चिकित्सक डॉ पंकज कुमार का.
जिन्हें किडनी संबंधित बीमारियों में सफलतापूर्वक कार्य करने के लिए सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है. इनका कहना है कि उलटी, दस्त, पेट में ऐंठन के साथ-साथ आंख का लाल होकर आंसू गिरना ठंड लगने के प्रमुख लक्षण है. अगर ऐसे लक्षण प्रगट हो तो तुरंत चिकित्सक से सलाह ले. ठंड लगने पर गरम पानी का सेवन अवश्य करना चाहिए.
क्योंकि इस स्थिति में पेट का गरम रहना अत्यंत आवश्यक होता है. ठंड के इस मौसम में ऐतिहात के तौर पर रसटक्स 200 छह-छह बुंद सुबह-शाम लेने पर ठंड लगने की संभावना काफी कम हो जाती है. खान पान नियंत्रित रखे. गाजर, पपीता व संतरा का सेवन ठंड के प्रकोप से बचाता है.
