पदाधिकारी पर होगी कार्रवाई : डीएम

आरा : जिला कल्याण विभाग द्वारा महादलित समुदाय के छात्रों के कौशल विकास को लेकर संचालित दशरथ मांझी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रथम दृष्टयां व्याप्त भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. इस मामले के प्रकाश में आने के साथ ही एक बार फिर जिला कल्याण कार्यालय घोटाले को लेकर सुर्खियों में आ गया है. […]

आरा : जिला कल्याण विभाग द्वारा महादलित समुदाय के छात्रों के कौशल विकास को लेकर संचालित दशरथ मांझी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रथम दृष्टयां व्याप्त भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. इस मामले के प्रकाश में आने के साथ ही एक बार फिर जिला कल्याण कार्यालय घोटाले को लेकर सुर्खियों में आ गया है.

इसके पूर्व छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर जिला कल्याण सुर्खियों में आया था. इस मामले में जिला कल्याण पदाधिकारी और अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी पर कार्रवाई होना तय हो गया है. जिलाधिकारी डॉ वीरेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि पिछले दिनों जिला कल्याण कार्यालय की जांच करने का डीडीसी और एसडीओ सदर को निर्देश दिया गया था.

डीडीसी और एसडीओ की संयुक्त टीम ने जब महादलित समुदाय के छात्रों के कौशल विकास को लेकर चलाये जा रहे दशरथ मांझी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम की फाइलों की जांच शुरू की तो चौकानेवाले तथ्य उभर कर सामने आये. इसके बाद अधिकारियों की कान खड़े हो गये. उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जब प्रशिक्षण सेंटर का स्थलीय जांच की तो कई सेंटर बंद पाये गये. वहीं कई प्रशिक्षण सेंटर में बच्चे नदारद मिले,

जबकि कुछ प्रशिक्षण सेंटर में बच्चे मिले भी तो वे महादलित समुदाय के नहीं थे. डीएम ने कहा कि जांच के दौरान इन सब तथ्यों के सामने आने के बाद कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में फर्जीवाड़े की संभावना प्रबल हो गयी है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दशरथ मांझी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम सहित कल्याण विभाग से संबंधित सभी योजनाओं के विस्तृत जांच के आदेश दे दिये गये हैं.

उन्होंने कहा कि सभी मामलों के पूर्ण रूप से जांच करने में करीब एक सप्ताह लगेंगे. इसे बाद ही कल्याण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार मामले का सही-सही आकलन हो पायेगा. डीएम ने कहा कि फिलहाल प्रथम दृष्टया दशरथ मांझी कौशल विकास कार्यक्रम में फर्जीवाड़े के मामले सामने आये है.
इस मामले को लेकर जिला कल्याण पदाधिकारी और अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी पर कार्रवाई की जायेगी. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2002 में जिला कल्याण कार्यालय में छात्रवृत्ति घोटाले का मामला सामने आया था, जिससे कई जिला कल्याण पदाधिकारी, लिपिक और एसडीओ कल्याण पदाधिकारी भी बरखास्त किये गये थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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