आरा : भोजपुर जिले के कई प्रखंडों में महाअकाल उत्पन्न हो गया है, जिसके कारण किसानों के समक्ष खाद्यान्न और पशु चारा का भीषण संकट उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गयी है. बावजूद इसके प्रशासन और जन प्रतिनिधियों का इस ओर ध्यान आकृष्ट नहीं हो पा रहा है.
इसके कारण जिले के उदवंतनगर, गड़हनी, जगदीशपुर, बिहिया, आरा, संदेश सहित आधा से अधिक प्रखंडों में भूमि में नमी नहीं रहने के कारण रबी फसल की बुआई काम बाधित है. लाचार किसान नलकूप और नहरों जैसे सिंचाई संसाधान के अचानक फेल हो जाने के कारण चाह कर भी रबी फसल बुआई के अनुकूल खेतों में नमी के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं. क्योंकि इन प्रखंडों के अधिकतर बोरिंग और नलकूप के लेयर नीचे चले गये है,
जिसके कारण बोरिंग पानी देना भी बंद कर दिया है. ऐसे में किसानों के इस दर्द को न तो प्रशासन के अधिकारी और नहीं जनप्रतिनिधि ही शेयर करने को तैयार है. बेचारा किसान नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे है. लेकिन, फिलहाल नहरों में पानी आने के आसार भी नहीं है. सिंचाई विभाग का माने, तो नहरों में पानी 25 दिसंबर के बाद ही छूट पायेंगे.
तब तक रबी फसल बुआई का सरकार द्वारा निर्धारित समयसीमा ही बीत जायेंगे. खेतों में नमी नहीं रहने के कारण इस बार जिले के हजारों के एकड़ भूमि में रबी फसल नहीं लग पायेंगे, जिसके कारण जिले द्वारा निर्धारित रबी फसल बुआई के जहां एक ओर लक्ष्य प्रभावित होंगे, वहीं दूसरी ओर रबी फसल के होनेवाले उत्पादन का लक्ष्य भी बाधित होगा.
ऐसे में जिले के इन प्रखंडों के किसानों और मजदूरों के समक्ष खाद्यान्न के साथ – साथ पशु चारा संकट भी उत्पन्न होने के आसार बढ़ जायेंगे. किसानों के इस भीषण समस्या से रूबरू होने के लिए न तो कोई जनप्रतिनिधि जहमत उठा रहे है और न ही प्रशासन के अधिकारी ही उनके मुआवजा और मालगुजारी माफी के लिए ही कोई कदम उठा रहे है. ऐसे में इन प्रखंडों के किसानों के बीच प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है. जो किसी समय आंदोलन के रूप में भी परिणत हो सकता है.
