25 हजार किसानों को मिला लाभ

आरा : जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक जिलाधिकारी डॉ विरेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में हुई. बैठक में खरीफ तथा रबी फसल डीजल अनुदान, कृषि यांत्रिकरण से संबंधित किसान मेला का आयोजन, फसल कटनी प्रयोग, बागवानी मिशन अंतर्गत नया बाग लगाओ कार्यक्रम के तहत फल, फूल एवं मसाला की खेती, मधुमक्खी […]

आरा : जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक जिलाधिकारी डॉ विरेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में हुई. बैठक में खरीफ तथा रबी फसल डीजल अनुदान, कृषि यांत्रिकरण से संबंधित किसान मेला का आयोजन, फसल कटनी प्रयोग, बागवानी मिशन अंतर्गत नया बाग लगाओ कार्यक्रम के तहत फल, फूल एवं मसाला की खेती, मधुमक्खी पालन सहित अन्य कृषि संबंधी कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा हुई.
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया की खरीफ फसल से संबंधित डीजल अनुदान हेतु लगभग 60 हजार आवेदन प्राप्त हुई है, जिसमें से लगभग 49 हजार आवेदनों की जांच की गयी है तथा 25 हजार 794 किसानों को डीजल अनुदान का लाभ दिया गया, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा बड़हरा में सबसे कम डीजल अनुदान वितरण पर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया. वहीं रबी फसल डीजल अनुदान संबंधी आवेदन पत्र तेजी से जनरेट करने का निर्देश दिया गया.
डीएम ने एसएमएस तथा किसान सलाहकार को एक्टिवेट करने, साथ ही आवेदन के साथ वांछित कागजात लगाने का भी निर्देश दिया गया. दिसंबर अंतिम सप्ताह में कृषि यांत्रिकरण मेला आयोजित करने की संभावना है, जिसको को लेकर कृषि यांत्रिकीकरण के लिए ऑन लाइन आवेदन पत्र प्राप्त किये जा रहें है. कृषि यांत्रिकीकरण की उपलब्धि उदवंतनगर, गडहनी, बिहिया की स्थिति ठीक नहीं होने पर जिलाधिकारी ने इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया.
वहीं इस माह के अंत तक फसल कटनी प्रयोग शत-प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने को कहा. श्री विधि से लगाये गये धान का औसत उपज 87 क्विंटल तथा अन्य तकनीक से उपजाये गये 62-63 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताया गया. बागवानी मिशन अंतर्गत नया बाग लगाओं कार्यक्रम के तहत 25 हेक्टेयर में पपीते के खेती लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा बताया गया की इसका नर्सरी कोइलवर में तैयार कराया जा रहा है. पपीते की पौधे के लिए 75 आवेदन प्राप्त हुए है. जिलाधिकारी ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी को आवेदनों की जांच करने का भी निर्देश दिया. साथ ही पिछले वर्ष पपीते की खेती जहां-जहां लगाये गये हैं उसकी जांच प्रखंड के कृषि पदाधिकारी तथा प्रखंड के वरीय पदाधिकारी द्वारा करायी जाये.
अगर जांच में अनियमितता पायी जाती है तो उसकी वसूली जिला उद्यान पदाधिकारी के वेतन से की जायेगी. बैठक में आम, अमरूद, फूल, मसाले की खेती, मेंथा की खेती जगदीशपुर, तरारी, पीरो में लगाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये गये. मेंथा की खेती के लिए 40 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. बैठक में पौली हाउस का निर्माण, प्याज भंडारण, नैनोबैग की बिक्री के संबंध में विचार विमर्श किया गया.
जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा बताया गया की मधुमक्खी पालन के लिए 70 आवेदन प्राप्त हुए है. बागवानी मिशन अंतर्गत जिले के 120 किसानों को प्रशिक्षण के लिए जिले से बाहर भेजने की योजना है. बैठक में उप विकास आयुक्त इनायत खान, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी सहित बागवानी समिति के सदस्य उपस्थित थे.

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