बड़गांव मामला पुलिस की मिलीभगत का परिणाम

आरा : बड़गांव में बकरी चराने के सवाल पर जिस तरह गरीबों के उपर सामंती अपराधियों द्वारा हमला किया गया तथा फायरिंग की गयी. वह भाजपा की आेर से बौखलायी सामंती मानसिकता का परिचायक तो है ही, साथ ही पुलिस प्रशासन की मिलीभगत का भी परिणाम है. उक्त बातें बड़गांव से लौट कर प्रेस वार्ता […]

आरा : बड़गांव में बकरी चराने के सवाल पर जिस तरह गरीबों के उपर सामंती अपराधियों द्वारा हमला किया गया तथा फायरिंग की गयी. वह भाजपा की आेर से बौखलायी सामंती मानसिकता का परिचायक तो है ही, साथ ही पुलिस प्रशासन की मिलीभगत का भी परिणाम है.

उक्त बातें बड़गांव से लौट कर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाकपा माले के नव निर्वाचित विधायक सुदामा प्रसाद एवं जिला सचिव जवाहर लाल सिंह व जिला कमेटी सदस्य राजू यादव ने कहीं. बड़गांव में गरीबों पर हमले की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए नेताओं ने कहा कि उल्टे अपराधियों के खिलाफ आवाज उठानेवाले नवजवान कार्यकर्ता मनोज मंजील को ही फर्जी मुकदामा लाद कर जेल भेज दिया गया.

अभी भी पुलिस की भूमिका संदिग्ध है, जिस कारण ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है. माले नेताओं ने कहा कि बड़गांव में शांति का एक मात्र उपाय है थाना प्रभारी का स्थानांतरण साथ ही घटना में शामिल लोगों को गिरफ्तार करना. शांति समिति का नाटक प्रशासन को बंद करना होगा. माले नेताओं ने नीतीश सरकार से तत्काल अमीर दास आयोग को बहाल करने की मांग की है.

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