मुकेश हत्याकांड में क्यों दिलचस्पी ले रहे विधायक

आरा/ चरपोखरी : बड़हरा के राजद विधायक सरोज यादव के चरपोखरी थानाध्यक्ष कुंवर गुप्ता को फोन पर मारने की धमकी देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. थानाध्यक्ष की ओर से विधायक पर प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद विधायक ने भी एफआइआर करने का मन बनाया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि […]

आरा/ चरपोखरी : बड़हरा के राजद विधायक सरोज यादव के चरपोखरी थानाध्यक्ष कुंवर गुप्ता को फोन पर मारने की धमकी देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. थानाध्यक्ष की ओर से विधायक पर प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद विधायक ने भी एफआइआर करने का मन बनाया है.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सरकारी कर्मी पर केस की पैरवी करने के लिए अनावश्यक दबाव बनाने की आखिर जरूरत क्या थी? मुकेश हत्याकांड में राजद विधायक की दिलचस्पी क्यों है? एक तरफ विधायक बडिहा गांव के मुकेश की हत्या तथा मामले के गवाह की हत्या के केस की अद्यतन रिपोर्ट जानने के लिए थानाध्यक्ष को फोन करने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ थानाध्यक्ष पर दुर्व्यवहार का भी आरोप लगा रहे हैं. ऐसे में लोग जानना चाह रहे हैं

कि आखिर मुकेश से उनका क्या संबंध है? पुलिस उन्हें गोपनीय रिपोर्ट क्यों बतायेगी? विधायक ने आरटीआइ से हत्याकांड के बारे में जानकारी क्यों नहीं ली? बता दें कि मुकेश की हत्या में सात लोगों को नामजद किया गया है. अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है. मुकेश के चाचा राजद के नेता हैं.

थानाध्यक्ष के पक्ष में उतरा पुलिस एसोसिएशन
विधायक द्वारा थानाध्यक्ष को धमकी देने के मामले में बिहार पुलिस एसोसिएशन भी अपने अधिकारी के साथ खड़ा हो गया है. एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने घटना की कड़ी शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने का अधिकार किसी को नहीं है. कायदे के खिलाफ काम करनेवालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए. सुशासन की सरकार में इस तरह का वाक्या अस्वीकार्य है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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