आरा : बस स्टैंड में वाहन कम दुकान ज्यादा दिखायी देंगे. स्टैंड में चारों तरफ अवैध रूप से दुकान लगे देखने को मिल जायेंगे. यात्रियों को आराम करने के लिए विश्राम गृह बनाया गया है, लेकिन स्थिति यह है कि विश्राम गृह में चारों तरफ फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा है. नीचे की बात छोड़ दे, […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
आरा : बस स्टैंड में वाहन कम दुकान ज्यादा दिखायी देंगे. स्टैंड में चारों तरफ अवैध रूप से दुकान लगे देखने को मिल जायेंगे. यात्रियों को आराम करने के लिए विश्राम गृह बनाया गया है, लेकिन स्थिति यह है कि विश्राम गृह में चारों तरफ फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा है. नीचे की बात छोड़ दे,
उपर में भी दुकानदार पूरी तरह से कब्जा जमाये हुए है. गलती से आने जाने में यात्रियों के पैर उनके समानों पर पड़ जाये तो सामत ही आ जाती है. बकझक होते – होते मामला मारपीट तक पहुंच जाता है. परिसर में अवैध रूप से सैकड़ों दुकान लगे हुए मिलेंगे.
यात्रियों को झेलनी पड़ती है फजीहत : स्टैंड परिसर में यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है. वहीं सभी जगहों पर दुकानदारों का अवैध रूप से कब्जा रहता है. ऐसे में यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. सरदार पटेल बस स्टैंड में लाइट और पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है. खास कर महिला यात्रियों को तो काफी फजीहत उठानी पड़ती है.
होती है राजस्व की हानि : अवैध ढंग से लगाये गये स्टैंड परिसर में दुकानों से निगम प्रशासन को एक रु पया भी प्राप्त नहीं होता है. दुकान लगाने वाले लोगों को स्थानीय दबंगों का संरक्षण प्राप्त होता है. ऐसे में राजस्व की हानी हो रही है. शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती है.
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