लोक आस्था का केंद्र बना मानिकपुर सूर्यमंदिर

बड़हरा : जिले में सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई स्थल है. जिनकाी महत्ता दूर-दूर तक फैली है. उन्हीं में से लोक आस्था का मंदिर मानिकपुर गांव स्थित सुर्य मंदिर का है. कोइलवर प्रखंड मुख्यालय से लगभग 7 से 8 किलोमीटर की दूरी पर बड़हरा प्रखंड मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर दौलतपुर स्टेट […]

बड़हरा : जिले में सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई स्थल है. जिनकाी महत्ता दूर-दूर तक फैली है. उन्हीं में से लोक आस्था का मंदिर मानिकपुर गांव स्थित सुर्य मंदिर का है. कोइलवर प्रखंड मुख्यालय से लगभग 7 से 8 किलोमीटर की दूरी पर बड़हरा प्रखंड मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर दौलतपुर स्टेट बोरिंग से मटुकपुर-बड़हरा को जोड़ने वाली पथ पर स्थित सुर्य मंदिर बरबस ही लोगों का ध्यान आकृष्ट करता है.

मंदिर के पास ही स्थित शादी मंडल, पुराने वट वृक्ष के नीचे, ब्रह्म बाबा का चबुतरा स्थित है. यहां बाहर से आकर लोग छठ करने वाले लोगों के लिए ठहरने का भी पर्याप्त स्थान है. सुहियां नदीं के किनारे स्थित इस मंदिर में मानिकपुर गावं के अलावे बागम झौवा, धरमपुर, बभनौली, किसुनपुरा, दौलतपुर, हरंगी टोला, राजापुर, इंग्लिसपुर गांव के अलावे पटना एवं छपरा से आकर यहां छठव्रती छठ करते है.

1970 के दशक में इस गांव के ग्रामीणों एवं आस पास के गांवों के लोगों के सहयोग से बना मंदिर अति भव्य है. प्रतिवर्ष की तरह छठ त्योहार के अवसर पर मंदिर की सजावट के साथ-साथ यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किया जाता है.छठ के अवसर पर इस गांव में भव्य मेले का आयोजन होता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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