तेज रफ्तार के कहर से जिंदगी पर विराम

आरा : जिले भर में सड़क दुर्घटना रूकने का नाम नहीं ले रही है. आये दिन तेज रफ्तार के कहर से असमय कई जिंदगियां काल के गाल में समा जा रही हैं. रविवार की अहले सुबह हाइस्पीड की चपेट में आकर दो लोगों के जीवन पर स्थायी विराम लग गया. तेतरिया मोड़ के समीप इसके […]

आरा : जिले भर में सड़क दुर्घटना रूकने का नाम नहीं ले रही है. आये दिन तेज रफ्तार के कहर से असमय कई जिंदगियां काल के गाल में समा जा रही हैं. रविवार की अहले सुबह हाइस्पीड की चपेट में आकर दो लोगों के जीवन पर स्थायी विराम लग गया.

तेतरिया मोड़ के समीप इसके पहले भी कई हादसे हो चुके हैं.
दो वर्ष पूर्व तेतरिया मोड़ के समीप हुए सड़क दुर्घटना में आधा दर्जन लोगों की जान चली गयी थी. साथ ही दर्जन भर लोग जख्मी हो गये थे.
ग्रामीणों ने दिखायी तत्परता : आरा-सासाराम मुख्य मार्ग पर रोज की तरह वाहनों का आवागमन जारी था. इसी बीच काल बनकर आ रही इंडिका तेतरिया मोड़ के समीप विपरीत दिशा से आ रही ऑटो से टकरा गयी. टक्कर की जोरदार आवाज के साथ ही तेतरिया गांव के ग्रामीण लोगों को बचाने के लिए दौड़ पड़े.
हादसे की भीषणता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर से ऑटो दो भागों में बिखर गया. एक की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. जबकि दूसरे को बड़ी मशक्कत से वाहन से बाहर निकालने के बाद भी नहीं बचाया जा सका.
कब लगेगा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश : सड़कें किसी भी राज्य की समृद्धि की पहचान होती हैं.
लेकिन, चकाचक सड़क ही अब लोगों के लिए अभिशाप बनती जा रही है. तेज रफ्तार पर कहीं कोई अंकुश लगाने वाला नहीं है. नतीजतन सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है. यातायात पुलिस और एनएचएआइ भी प्राय: सड़कों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेता है. ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश कैसे और कब लगेगा, यह लोगों के लिए यक्ष प्रश्न बन गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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