नाबालिग के हाथों में यात्रियों की जिंदगी

बिक्रमगंज (कार्यालय) : स्थानीय शहर में चल रहे अधिकतर ऑटो के चालक नाबालिग हैं. इन्हें न तो वाहन अधिनियम का ज्ञान है और न ही इन के पास ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) हैं, फिर भी ये नाबालिग ड्राइवर बेखौफ ओवरलोडेड सवारी ढो रहे हैं. ये नाबालिग चालक जहां मन वहां गाड़ी रोक सवारी उठाने व उतारने […]

बिक्रमगंज (कार्यालय) : स्थानीय शहर में चल रहे अधिकतर ऑटो के चालक नाबालिग हैं. इन्हें न तो वाहन अधिनियम का ज्ञान है और न ही इन के पास ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) हैं, फिर भी ये नाबालिग ड्राइवर बेखौफ ओवरलोडेड सवारी ढो रहे हैं. ये नाबालिग चालक जहां मन वहां गाड़ी रोक सवारी उठाने व उतारने लगते हैं,

जिससे एक तो सड़क जाम की समस्या बनी रहती है, वहीं सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं. वहीं, आम लोग भी इन नाबालिग चालकों के ऑटो से यात्रा करने के लिए विवश हैं. जानकारी के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं. अधिकारियों की लापरवाही व इन नाबालिग ड्राइवरों के कारण हर दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं. गौरतलब है कि बिक्रमगंज शहर से व्यवहार न्यायालय, रेलवे स्टेशन, थाना चौक व तेंदूनी चौक समेत नटवार, संझौली, नोखा, पीरो, हसन बाजार, काराकाट, गोड़ारी, मलियाबाग व कोआथ के लिए हर दिन सौ से अधिक ऑटो खुलते हैं.

इन ऑटो के चालकों में 60 फीसदी चालक नाबालिग हैं. किसी ऑटो पर दो-चार माह रह कर अधूरे ज्ञान से खुद ही ऑटो चलाने लगते हैं. कम पैसे पर चालक मिलने के कारण ऑटो मालिक भी इन नाबालिग को ही प्राथमिकता देते हैं. इस संबंध में बिक्रमगंज एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि संबंधित विभाग अधिकारी को इसकी जानकारी दी जायेगी़
और इसके खिलाफ अभियान चलाया जायेगा.

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