पूजा पंडालों में स्थापित मां की प्रतिमा को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से विदाई दी. विभिन्न घाटों पर मां की प्रतिमा की विसर्जित की गयी. विसर्जन के पूर्व खोइचा भराई की रश्म अदा की गयी. मां की विदाई करते समय भक्तों के आंखों में आंसू आ गये और उनके मूंख से यही शब्द निकल रहे थे कईसे करीं हम विदाई… बहे अखियां से लोर.. हथवा से छुटत नइखे अचरा के कोर.
कईसे करीं हम विदाई...
पूजा पंडालों में स्थापित मां की प्रतिमा को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से विदाई दी. विभिन्न घाटों पर मां की प्रतिमा की विसर्जित की गयी. विसर्जन के पूर्व खोइचा भराई की रश्म अदा की गयी. मां की विदाई करते समय भक्तों के आंखों में आंसू आ गये और उनके मूंख से यही शब्द निकल रहे […]
