दूसरे दिन भी रेंकी गांव में भूखे सोये परिजन

नावानगर : सिकरौल थाना के रेंका गांव में आहर में डुबकर मरे बच्चों के घर में गुरुवार को भी चूल्हा नहीं जला. परिवार के लोग इतने आहत हैं कि उन्हें खाने की भी सुध नहीं है. घटना में अपने घर के दोनों चिराग को खोनेवाली मां तो अभी तक रो ही रही है. उसके आंसू […]

नावानगर : सिकरौल थाना के रेंका गांव में आहर में डुबकर मरे बच्चों के घर में गुरुवार को भी चूल्हा नहीं जला. परिवार के लोग इतने आहत हैं कि उन्हें खाने की भी सुध नहीं है. घटना में अपने घर के दोनों चिराग को खोनेवाली मां तो अभी तक रो ही रही है. उसके आंसू और चीत्कार से पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है.वही,

हाल दूसरे परिवार का भी है. उस घर में भी चूल्हा नहीं जला. शवों के पोस्टमार्टम की सूचना मिलते ही बीडीओ अशोक कुमार ने पीड़ित परिवार के सदस्यों को 20 हजार की राशि दी गयी. पंचायत के मुखिया सुदर्शन राम द्वारा भी तीन हजार की राशि प्रत्येक पीड़ित परिवार को दी गयी है.

सनद रहे की ग्रामीण शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, लेकिन जिलाधिकारी की पहल पर शवाें का पोस्टमार्टम हुआ, तब जाकर मुआवजे का द्वारा खुल पाया. पहले दौर का लाभ मिल गया और मुआवाजे के लिए आपदा पबंधन विभाग को लिखित भेजा गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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