आरा : तपती धूप में सरैंया की रहनेवाली सीमा महिला कॉलेज से पढ़ कर घर लौटने लगी, तो मिरगंज में भयावह जाम को देख कर सैकड़ों लोगों के बीच में अपनी मम्मी को फोन लगा कर कहा मम्मी मिरगंज जाम है. न जाने कितनी देर लगे. यह एक सीमा की बात नहीं है मिरगंज के रास्ते से गुजरनेवाले हजारों लोगों की प्रतिदिन की बात है, जो जाम से जूझ रहे हैं. रोज की तरह मंगलवार को भी मिरगंज में लोगों को भयावह जाम से सामना हुआ.
वाहनों की लंबी कतार, पैदल चलना भी मुश्किल, गलियां भी भरी पड़ी, आवागमन पूरी तरह से ठप. आने-जानेवाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मिरगंज में पिछले दो दिनों से नाला बन रहा. एक तो पहले से ही संकीर्ण सड़क, दूसरा अतिक्रमण का शिकार उस पर नमक छीड़कने का काम किया नाला बनानेवाले लोगों ने. नाला बनाने के दौरान जमीन से निकाली गयी मिट्टी को सड़क पर ही पसरा हुआ है, जिसकी वजह से और भी भयावह जाम लगने लगा.
यह पटना नहीं है. यह भोजपुर जिला है. यह कहना है मिरगंज निवासी विष्णु कुमार का. उन्होंने कहा कि ट्रॉफिक पुलिस नाम मात्र का है. कभी भी इनकी गतिविधियां शहर में ठीक नहीं रहती है. जाम होता है, तो रास्ता बदल कर गायब हो जाते हैं.
स्कूली बसों में फंसे रहते हैं घंटों बच्चे
बड़े हो या छोटे हर कोई चाहता है कि काम खत्म करने के बाद अपने घर परिवार में जल्द पहुंचे, लेकिन सुबह में स्कूल जानेवाले बच्चे छुट्टियां होने के बाद घर कब पहुंचेंगे यह किसी को पता नहीं, क्योंकि जाम की वजह से प्रतिदिन उनकी यही दशा होता है. मंगलवार को भी तपीस भरी गरमी में स्कूली बच्चे बसों में घंटों फंसे रहे.
