आरा : भोजपुर बंद की अफवाह से जिले के लोग पूरे दिन हलकान रहे. इस अफवाह के चक्कर में विधि-व्यवस्था संधारण और जनजीवन को बहाल करने को लेकर जिला प्रशासन ने सभी स्थानों पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कर रखी थी, जबकि भोजपुर बंद जैसी कोई बात न तो पहले से थी और न ही किसी संगठन द्वारा इसकी घोषणा की गयी थी.
बावजूद इसके आमजनों की तरह जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन भी अफवाह में गच्च खा गया. नतीजा रहा कि बिना भोजपुर बंद के ही पूरे दिन जिला प्रशासन के अधिकारियों को विधि – व्यवस्था को लेकर रेलवे स्टेशन से लेकर शहर के सभी चौक-चौराहों पर ड्यूटी बजानी पड़ी.
प्राइवेट स्कूल, निजी कार्यालय बंद रहे
जदयू विधायक सुनील पांडेय की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को शाहाबाद के बंद की अफवाह से जिले में अफरा- तफरी का माहौल कायम रहा. प्राइवेट स्कूल, कई प्राइवेट सेक्टरों के ऑफिस व दुकानें कुछ देर के लिए बंद रहीं. हालांकि रविवार की देर शाम ही सुनील पांडेय के समर्थकों ने किसी तरह की बंदी करने से मनाही कर दी थी. दिन भर लोग पूछते नजर आये की बंदी है क्या.
19 स्थानों पर तैनात थे दंडाधिकारी
जिस तरह लोग सुनील पांडेय के समर्थकों के बंद की अफवाह में आये, उसी तरह प्रशासन के लोग भी इन अफवाहों के चक्कर में पड़ गये. अक्सर प्रशासन इस बात की घोषणा करते आया है कि आप अफवाह में न पड़ें लेकिन यहां तो उलटी ही बात हो गयी.
प्रशासन के लोग खुद गच्च खा गये. जिले के मुख्य चौक- चौराहों सहित कुल 19 स्थानों पर पुलिस बल सहित दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. दोपहर तक किसी तरह की बंदी नहीं दिखी, तब प्रशासन ने तैनात किये गये सभी 19 स्थानों से पुलिस बल को हटा लिया.
