केंद्र की नीति छात्र विरोधी

स्कूली शिक्षा में 23 व उच्च शिक्षा में आठ प्रतिशत कटौती कर दी गयी आरा : योगा के नाम पर फासीवादी हमले बंद करने, कश्मीर विश्वविद्यालय से गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा करने तथा एफटीआइआइ (फिल्म टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) से गजेंद्र चौहान को बाहर करने के सवाल पर राष्ट्रीय व्यापी कार्यक्रम के तहत आइसा […]

स्कूली शिक्षा में 23 व उच्च शिक्षा में आठ प्रतिशत कटौती कर दी गयी
आरा : योगा के नाम पर फासीवादी हमले बंद करने, कश्मीर विश्वविद्यालय से गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा करने तथा एफटीआइआइ (फिल्म टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) से गजेंद्र चौहान को बाहर करने के सवाल पर राष्ट्रीय व्यापी कार्यक्रम के तहत आइसा ने प्रतिरोध सभा आयोजित की.
महाराजा कॉलेज परिसर में आइसा के सैकड़ों समर्थकों एवं आइसा नेताओं ने मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जम कर नारेबाजी की. इसके बाद सभा का आयोजन किया गया. सभा को संबोधित करते हुए आइसा जिला सचिव शिव प्रकाश रंजन ने कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा का भगवाकरण करने की साजिश रच रही है.
शिक्षा का बजट बढ़ाना चाहिए लेकिन मोदी सरकार आते ही स्कूली शिक्षा में 23 और उच्च शिक्षा में आठ प्रतिशत कटौती कर दी. जो छात्र विरोधी बजट है. इससे साबित होता है कि मोदी सरकार की नीति छात्र विरोधी है. आइसा जिलाध्यक्ष सबीर ने कहा कि योगा को विश्वविद्यालय और कॉलेजों में अनिवार्य करना छात्र/छात्राओं की अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है.
इसी का नतीजा है कि जब कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्र योगा करने से मना करते हैं, तो उन छात्रों को गिरफ्तार किया जा रहा है. पांच अगस्त को राष्ट्रीय अभियान के तहत दिल्ली में छात्र संसद आयोजित किया जायेगा. संचालन राजू राम ने किया. इस मौके पर संदीप, पप्पू, रौशन, गोलू, धीरेंद्र, उपेंद्र आदि थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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