आरा : बम लेकर कोर्ट परिसर में पहुंची महिला नगीना देवी से 2012 से लंबू उसके संपर्क में था. महिला को बम की जगह कैमरा होने की बात कह कोर्ट में जाने को कहा था. साथ-साथ यह भी कहा था कि कैमरा से यह पता चलेगा कि कोर्ट परिसर में कौन-कौन सुरक्षा में लगे है और कहां-कहां है. इसके अलावा फोन से लगातार टच में था. जैसे ही कोर्ट हाजत से हाजरी लगाने के लिए जैसे ही निकला नगीना को फोन के माध्यम से कहा कि बटन दबाव. बटन दबते ही विस्फोट हुआ, जिसके बाद पूरा कोर्ट परिसर दहल उठा.
बम विस्फोट के बाद नगीना तथा सुरक्षा में तैनात अमित कुमार की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. विस्फोट का फायदा उठा करलंबू शर्मा तथा अखिलेश उपाध्याय फरार हो गया. लंबू शर्मा कोर्ट परिसर से फरार होने के बाद अपना ठिकाना दिल्ली और लुधियाना में बना रखा था, जहां से जिले की हर गतिविधियों पर नजर रखता था. पुलिस को इसका लोकेशन लगातार दिल्ली और लुधियाना में छुपे होने की प्राप्त हो रही थी. एक्जेक्ट लोकेशन दिल्ली का मिलने के बाद भोजपुर पुलिस ने दिल्ली के स्पेशल टीम से संपर्क किया. इसके बाद उसकी गिरफ्तारी हो सकी.
* गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस घंटों लंबू शर्मा को लेकर रही ओह- पोह की स्थिति में : लंबू शर्मा की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस घंटों ओह पोह की स्थिति में बनी रही. लंबू शर्मा को लेकर पुलिस के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई थी. बाद में जब पुलिस के पास लंबू का पहले फोटो ग्राफ मौजूद था और गिरफ्तारी के वक्त लंबू शर्मा में काफी परिवर्तन था, जिससे गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस के समक्ष असमंजस की स्थिति बनी हुई थी.
* अब तक कुल आठ लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
कोर्ट बम ब्लास्ट में लंबू को मदद करने, बम बनाने में प्रयुक्त समान में मदद करने, फरार होने में मदद करने तथा लगातार संपर्क में रहने के कारण पुलिस ने इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पूर्व में पुलिस अखिलेश उपाध्याय उर्फ मुशा, अंशु शर्मा, रिंकू यादव, श्याम विनय शर्मा, चांद मिया सहित आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. वहीं इस मामले में प्रमोद सिंह को रिमांड पर लिया गया. एसपी ने बताया कि स्पीडी ट्रायल चला कर जल्द-से-जल्द से सजा दिलायी जायेगी.
* लंबू शर्मा ने किस नेता की हत्या की ली थी सुपारी, पुलिस ने नहीं किया खुलासा
लंबू शर्मा उत्तर प्रदेश के किस नेता को मारने के फिराक में था. पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया. सूत्रों की माने तो लंबू शर्मा जिस तरह कोर्ट में बम ब्लास्ट कर कोर्ट से फरार हुआ था. इसी तरह उत्तर प्रदेश के किसी जगह पर धमाका कर एक बड़े नेता को मारनेवाला था. हालांकि पुलिस इस मामले में कोई भी बात बताने से परहेज कर रही है. लंबू शर्मा भागने के बाद भी किसी नेता के संरक्षण में था. हालांकि इसके अधिकारी पुष्टि नहीं हो पायी है.
* पुरस्कृत किये जायेंगे टीम के सभी अधिकारी
एसपी ने बताया कि लंबू शर्मा की गिरफ्तारी में गठित टीम को पुरस्कृत किया जायेगा. बम ब्लास्ट के बाद लंबू शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर डीआइयू को भी लगाया था. टीम में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों को पुरस्कृत किया जायेगा.
– लंबू की क्राइम हिस्ट्री
बम बनाने का एक्सपर्ट लंबू शर्मा छोटे कद-काठी का है. इस पर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं.
पीरो थाना कांड संख्या 86/04 , धारा 302 /34, पीरो थाना कांड संख्या 134/8, धारा 395
दानापुर रेल थाना कांड संख्या 16/05, धारा 224
जगदीशपुर थाना कांड संख्या 156/08, धारा 399, 402, 307 एवं 27 आर्म्स एक्ट
आरा नगर थाना कांड संख्या 110/09, धारा 224, आरा नगर थाना कांड संख्या 224/09, धारा 452, 302, 307, 326 , 120 (बी) एवं 3/4 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम
बड़हरा थाना कांड संख्या 230/09, धारा 25 (1-बी) ए /26 आर्म्स एक्ट
नगर थाना कांड संख्या 24/15 धारा 302/ 307/ 326/ 224/120 बी एवं 3/4/5 दर्ज है.