आरा : प्रशासन नगर निकाय कोटे के एमएलसी पद के लिए होनेवाले चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संपन्न कराने को लेकर फूलप्रुफ तैयारी करने में जुटी हुई है. अभ्यर्थियों के नाम वापसी के आखिरी दिन किसी प्रत्याशी द्वारा नामजदगी का परचा वापस नहीं लिया गया है.
इसके साथ ही एमएलसी चुनाव में चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में रह गये हैं. उक्त बातें निर्वाची पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी पंकज कुमार पाल और पुलिस अधीक्षक नवीन चंद्र झा ने संयुक्त रूप से एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही. जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एमएलसी चुनाव में पहली बार बैलेट पेपर में प्रत्याशी का फोटो भी लगा रहेगा. इसके बाद अब कोई भी मतदाता को मतदान के दौरान कोई परेशानी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर दंडाधिकारी के साथ एक से चार की संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जायेगी. वहीं नि:शक्त और निरक्षर मतदाताओं को मतदान में मदद के लिए सहायक की सुविधा निर्वाची पदाधिकारी के स्तर से अनुमति प्राप्त करने पर ही प्राप्त होगी.
इसको लेकर ऐसे नि:शक्त और निरक्षर मतदाताओं को आरओ के यहां चुनाव पूर्व अपने शैक्षणिक योग्यता के उल्लेख के साथ आवेदन करना पड़ेगा. ऐसे आवेदन पत्रों की जांच मतदाताओं द्वारा निर्वाचन के दौरान परचा दाखिला में शैक्षणिक योग्यता की की गयी घोषणा पत्र से मिलान कर की जायेगी.
मतदाता सूची में मतदाताओं की होगी शैक्षणिक योग्यता का उल्लेख : निर्वाची पदाधिकारी पंकज कुमार पाल ने बताया कि एमएलसी चुनाव के लिए तैयार किये गये मतदाता सूची में मतदाताओं के शैक्षणिक योग्यता का उल्लेख रहेगा. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में शैक्षणिक योग्यता का उल्लेख मतदाताओं के निर्वाचन के दौरान नामांकन फॉर्म में शैक्षणिक योग्यता के की गयी घोषणा पत्र से मिलान कर की जायेगी. मतदान के दौरान पोलिंग पार्टी मतदाताओं के शैक्षणिक योग्यता का मतदाता सूची से मिलान कर ही मतदान की अनुमति देंगे.
चुनाव में मतदाता प्रथम और द्वितीय वरीयता का कर सकते हैं प्रयोग : एमएलसी चुनाव में मतदाता प्रथम वरीयता और द्वितीय वरीयता का इस्तेमाल कर सकते हैं. मतदान के दौरान कोई भी मतदाता बैलेट पेपर पर अपने मन पसंद प्रत्याशी के सामने प्रथम वरीयता के तौर पर हिंदी, रोमन और अंगरेजी में एक का प्रयोग कर सकते हैं. इसी प्रकार द्वितीय वरीयता के तौर पर दो हिंदी, रोमन और अंगरेजी में लिख सकते है.
निरक्षर/नि:शक्त मतदाताओं के फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक : निर्वाची पदाधिकारी पंकज कुमार पाल ने कहा कि एमएलसी चुनाव में मतदान के दौरान निरक्षर/नि:शक्त मतदाताओं को सहायक (साथी) का चयन का अधिकार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदान की गयी है. उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाता 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले कोई भी व्यक्ति को सहायक (साथी) के रूप में चयन कर सकते हैं. इसमें झूठ का सहारा लेने पर रोक लगाने को लेकर निरक्षर/नि:शक्त मतदाताओं के शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन मतदाता सूची से मिलान कराने का निर्देश आयोग द्वारा दी गयी है. उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधा प्राप्त करने के लिए ऐसे मतदाताओं को पहले निर्वाची पदाधिकारी से अनुमति प्राप्त करनी होगी.
इस संबंध में सिर्फ आरओ की ही अनुमति मान्य होगी. इसके अतिरिक्त इस तरह का अनुमति किसी अन्य पदाधिकारी को देने का अधिकार प्राप्त नहीं होगा.
मतदान कर्मियों का तृतीय प्रशिक्षण पांच जुलाई को : एमएलसी चुनाव में लगाये जाने वाले मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण का 26 जून से शुरू होगा. 26 जून को प्रथम पाली में पीठासीन पदाधिकारी, मतदान पदाधिकारी एक का प्रशिक्षण दिया जायेगा. वहीं द्वितीय पाली में मतदान पदाधिकारी द्वितीय एवं तृतीय का प्रशिक्षण दिया जायेगा.
वहीं मतदान कर्मियों का द्वितीय प्रशिक्षण एक जुलाई को तथा मतदान कर्मियों के तृतीय प्रशिक्षण पांच जुलाई को दिया जायेगा. वहीं गश्ती दल दंडाधिकारियों का प्रशिक्षण सह संयुक्त संबोधन छह जुलाई को दिया जायेगा. डीएम ने कहा कि जिले के 14 मतदान केंद्रों पर 14 पीठासीन पदाधिकारी, 14 पी 1, 14 पी 2, 14 गश्ती दल दंडाधिकारी तथा पी तीन आवश्यकतानुसार लगाया जायेगा.
