जगदीशपुर : 10 सूत्री मांगों को लेकर आशा ने जगदीशपुर रेफरल अस्पताल के समक्ष धरना सह प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया. इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में तालाबंदी भी की. मांगों के समर्थन में जिला परिषद गोरखनाथ सिंह, दीप नारायण सहित अन्य राजद कार्यकर्ता धरना कार्यक्रम में शामिल रहे.
इस मौके पर देवंती देवी, शीला देवी, बबीता देवी, सुनीता देवी, रीता देवी, सबीता देवी, हीरामुनी कुंवर सहित अन्य आशा कार्यकर्ता मौजूद थे. मांगों में मुख्य रूप से आशा कार्यकर्ताओं को कर्मचारी का दर्जा देने, 15 हजार रुपये मासिक वेतन देने, बीमा की सुविधा मुहैया कराने सहित अन्य मांगें शामिल है.
पीरो व तरारी में पीएचसी में दिया धरना
पीरो. सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, कम से कम 15 हजार रुपये मासिक वेतन देने, सरकारी कर्मियों की तरह अवकाश देने, एएनएम की बहाली में आशा को 50 फीसदी आरक्षण देने सहित दस सूत्री मांगों को ले पीरो व तरारी प्रखंड आशा कार्यकर्ता रविवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गयी़
अपनी मांगों के समर्थन में सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने रविवार को पीरो व तरारी में पीएचसी परिसर में धरना भी दिया़ पीरो में पुष्पा देवी, चंद्रजीता देवी, रेशमी सिंह, उर्मिला देवी, सुनीता देवी तथा तरारी में कुसुम देवी, बसंती देवी, देवंती देवी व मनोरमा देवी ने हड़ताल और धरना कार्यक्रम का नेतृत्व किया़
धरना पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार पर अपनी उपेक्षा किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी कर्मियों से ज्यादा काम लिये जाने के बावजूद सरकार व विभाग आशा के साथ दोमुहा रवैया अपना रहा है़ एक तो उन्हें सरकारी कर्मी नहीं माना जाता है, दूसरी ओर इतना कम मानदेय दिया जाता है कि वे अपना तथा अपने परिवार का भरण-पोषण करने में पूरी तरह नाकाम हो रही है़
मानदेय और प्रोत्साहन राशि के तौर पर दी जानेवाली मामूली रकम भी विभागीय अधिकारियों की मनमानी के कारण समय पर नहीं मिल पाता, जिस कारण आशा कार्यकर्ताओं की परेशानी और बढ़ जाती है़ पीएचसी के कर्मियों लारा जान बूझ कर आशा को प्रताड़ित किया जाने का आरोप लगाते हुए आशा ने एक स्वर में कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तब तक उनका अनिश्चितकालीन हड़ताल व आंदोलन जारी रहेगा़
