पीरो : ग्रामीण परिवेश में रह कर अपनी मेहनत के बल पर झारखंड के राज्यस्तरीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बीसी कोटे में 42 स्थान हासिल करनेवाले सुमित ने इस मिथक को तोड़ा है कि साधनों के बिना मेडिकल व इंजीनियरिंग जैसी परीक्षाओं में सफलता नहीं मिल सकती़ सुमित की प्रारंभिक दीक्षा सामान्य बच्चों की तरह गांव के विद्यालय में हुई है उसने यही से मैट्रिक एंव इंटरमीडिएट की परीक्षा अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण करने के बाद पूरे मनोयोग से मेडिकल की तैयारी शुरू की़
पीरो स्थित ज्ञान स्थली ट्यूशन सेंटर के शिक्षक अजय कुमार मिश्र व विकास चंद्रा की देखरेख में तैयारी के साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए सुमित को पहले प्रयास में ही यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है़ इस सफलता का श्रेय वह खुद की मेहनत और अपने माता-पिता व शिक्षकों से मिले सहयोग तथा सही मार्ग दर्शन देनेवालों को देता है़ उसका मानना है कि जो छात्र ईमानदारी मेहनत करेंगे उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी़
