तीन माह के अंदर त्रुटियों का कराएं निराकरण

आरा : अगर परीक्षा परिणाम में किसी प्रकार त्रुटि है तो छात्र उसे रिजल्ट प्रकाशित होने के तीन माह के अंदर दुरूस्त करा ले. इसके बाद त्रुटियों के निराकरण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेवार नहीं होगा. इसकी जानकारी प्रतिकुलपति डॉ लीला चंद साहा ने दी. उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि रिजल्ट या […]

आरा : अगर परीक्षा परिणाम में किसी प्रकार त्रुटि है तो छात्र उसे रिजल्ट प्रकाशित होने के तीन माह के अंदर दुरूस्त करा ले. इसके बाद त्रुटियों के निराकरण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेवार नहीं होगा.
इसकी जानकारी प्रतिकुलपति डॉ लीला चंद साहा ने दी. उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि रिजल्ट या प्रवेश पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि होती है तो छात्र उसे नजर अंदाज कर महीनों बाद उसके निराकरण के लिए कॉलेज व विश्वविद्यालय का चक्कर लगाते है. अगर वे शैक्षणिक सत्र के दौरान उस त्रुटियों को दूर करा लेते है तो विश्वविद्यालय को भी उसके निराकरण में परेशानी नहीं होती है.
उन्होंने कहा कि एक छात्र मंगलवार को 1999 के अंक प्रमाण पत्र में त्रुटि सुधार करने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचा. इतने वर्ष बाद आने पर इस मामले का कैसे निराकरण हो, यह बहुत बड़ा प्रश्न था, इस लिए उन्होंने छात्रों से अपील किया कि किसी भी समस्या का निराकरण तीन माह के अंदर करा ले.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >