एक घंटे तक मालगोदाम पर डिब्बों को लगाने के लिए मालगाड़ी पटरियों पर अप और डाउन करती रही. लोग 44 डिग्री के तापमान में सड़कों पर खड़े रहे. एक घंटे तक अप-डाउन करने के कारण गुमटी बंद रही, जिससे गुमटी की दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गयीं. चिलचिलाती धूप में बच्चे पानी के लिए तरसते रहे.
आरा : गुमटी के उस पार के मुहल्लों में रहनेवाले लोग जब गुमटी क्रॉस कर जाते हैं, तो उन्हें लगता है कि हमने आज एक जंग जीत ली. प्रतिदिन गुमटी बेवजह बंद रहने के कारण लोगों को जाम की स्थिति से जूझना पड़ता है.
ट्रेन अगर क्रॉस भी कर जाती है, तो 10 मिनट के बाद ही गुमटी का फाटक खोला जाता है. आज तो हद ही हो गयी. इस चिलचिलाती धूप में एक घंटे तक मालगाड़ी का इंजन डिब्बों को मालगोदाम तक ले जाने के लिए अप- डाउन करती रही. इससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी. आलम यह था कि लोग चिलचिलाती धूप में पसीने से तर-बतर हो रहे हैं.
सबसे बुरा हाल बाइकवाले लोगों का था. एक घंटे बाद जब गुमटी खुली, तो आगे निकलने की होड़ में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी. इसके बाद पुलिस के काफी मशक्कत करने के बाद यातायात सुचारु रूप से बहाल हो सका.
घंटों फसे रहे जाम में अधिकारी, एंबुलेंस और कई नेता : एक घंटे तक गुमटी बंद रहने के कारण जाम में कई नेता व मरीजों को ले जा रहे एंबुलेंस तथा अधिकारियों के गाड़ी जाम में फंसे रहे. लोग विभाग को जम कर कोष रहे थे. लोगों का कहना था कि अगर ओवर ब्रिज बना रहता तो इतनी देर तक लोग जाम में नहीं फंसे रहते.
