नियम के पेच में फंसे बटाईदार व छोटे किसान

आरा : भोजपुर जिले में आंधी और ओला वृष्टि से 22916 हेक्टेयर भूमि में लगे रबी की फसल को क्षति हुई है. इसमें सबसे अधिक बटाईदार किसान और छोटे किसानों को ओला वृष्टि से हुई फसल क्षति में क्षति पहुंची है. बावजूद इसके नियम के पेच में फसल क्षति के एवज में मिलनेवाले फसल क्षति […]

आरा : भोजपुर जिले में आंधी और ओला वृष्टि से 22916 हेक्टेयर भूमि में लगे रबी की फसल को क्षति हुई है. इसमें सबसे अधिक बटाईदार किसान और छोटे किसानों को ओला वृष्टि से हुई फसल क्षति में क्षति पहुंची है. बावजूद इसके नियम के पेच में फसल क्षति के एवज में मिलनेवाले फसल क्षति अनुदान की राशि फस गयी है. ऐसे में सरकार के स्तर से फसल क्षति के नाम पर मिलनेवाले मुआवजा की राशि से ऐसे गरीब किसान वंचित हो गये हैं.
वहीं ज्येष्ठ माह में ही खेत बंदोबस्ती के एवज में बटाईदार किसानों से एक मुश्त राशि प्राप्त करनेवाले लघु सीमांत और बड़े किसान को दोहरा लाभ प्राप्त हो रहा है. क्योंकि नियम के अनुसार लगान रसीद और बैंक खाता के प्रति प्रस्तुत करनेवाले को ही प्रखंडों में हल्का कर्मचारी, अंचल निरीक्षक और अंचलाधिकारी द्वारा किसानों की सत्यापित सूची में नाम शामिल किया जा रहा है.
यही नहीं धान अधिप्राप्ति में सक्रिय बिचौलिये इन दिनों फसल क्षति मुआवजा का लाभ लेने के लिए भी अंचलों में हावी है. ऐसे में वाकई में जरूरतमंद और बटाईदार किसानों को फसल क्षति मुआवजा का लाभ वंचित होना पड़ा है.
ऐसे सरकारी आंकड़ों पर गैर फरमाया जाये, तो जिले में अब तक 60835 सर्वेक्षित किसानों में से फसल क्षति मुआवजा के लिए हलका कर्मचारी, अंचल निरीक्षक और अंचलाधिकारी द्वारा 41043 किसानों की सत्यापित सूची तैयार की गयी है. साथ ही जिले में अब तक आंधी और ओला वृष्टि से फाइनल रिपोर्ट तैयार होने के बाद 22916 हेक्टेयर भूमि में लगे रबी फसल बरबाद होने की पुष्टि हुई है, जिसमें 15 हजार किसानों के बीच फसल क्षति मुआवजा की 10 करोड़ 25 लाख 76 हजार 573 रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है.
कहते हैं डीएओ
जिला कृषि पदाधिकारी कृष्ण बिहारीने कहा कि जिले में अब तक 8106 हेक्टेयर भूमि के 15 हजार प्रभावित रैयती किसानों के बीच करीब 10 करोड़ 25 लाख 76 हजार 573 रुपये की राशि वितरित की गयी.

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