शाहपुर : शाहपुर स्थित एनएच 84 क्षेत्र के आसपास हमेशा जाम लगता है. बातचीत के दौरान शाहपुर का नाम आने पर लोग कहते है कि ’’ का हो शाहपुर आ गइल का बड़ा जाम बा’’. शहरीवासियों के लिए हमेशा लगनेवाली सड़क जाम अब एक ज्वलंत समस्या बनी हुई है.
प्रशासनिक तंत्र भी इस पर ठोस निर्णय नहीं ले पा रहा है, जिसके चलते जनमानस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. शाहपुर एनएच 84 स्थित करनामेपुर मोड़ से शाहपुर हाइस्कूल जाने में मात्र पांच मिनट का समय लगता है, लेकिन जाम के कारण यहीं दूरी तय करने में घंटों का समय लग जाता है. सालों भर लगनेवाले इस जाम में मरीजों की गाड़ियां, स्कूली बच्चे, दूल्हे बराती सहित शहरवासी हमेश पिसते रहते हैं.
सड़क की दोनों ओर खड़े रहते हैं यात्री : शाहपुर को पंचायत से नगर पंचायत का दर्जा मिला, यहां से गुजरनेवाली मुख्य मार्ग को राष्ट्रीय उच्च पथ का दर्जा, लेकिन इन सब के बीच शहरी क्षेत्र के लिए बुनियादी सुविधाएं आबादी के अनुपात में उपलब्ध नहीं हो सकी. शाहपुर नगर पंचायत आज एक अदद बस स्टैंड के लिए तरस रहा है. लेकिन बस स्टैंड बनाने के आदेश के बाद भी वर्षो से फाइलों में बंद पड़ी है. यही कारण है कि विभिन्न स्थानों के लिए आने-जानेवाले वाहन मुख्य पथ के दोनों ओर खड़े रहते, जिसके कारण हमेशा प्रत्येक दिन सड़क जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है.
सड़क किनारे गंदा पानी का बहाव : शाहपुर एनएच 84 के दोनों किनारों पर गंदे पानी का बहाव होता है, लेकिन नप प्रशासन द्वारा इसे नियमित ढंग साफ नहीं कराया जाता है, जिससे सड़क की स्थिति हमेशा नारकीय एवं भयावह रहती है, जिसके कारण लोगों को फिसलने का डर बना रहता है व हमेशा छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती है. वहीं जाम की समस्या के बाद भी आज तक प्रशासन द्वारा यहां पर ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था नहीं किया गया.
पुलिस की भूमिका : शाहरवासियों को सड़क जाम से निजात दिलाने हेतु स्थानीय थाना द्वारा बनाही मोड़ के समीप एक एसआइ सहित करीब आधा दर्जन पुलिस के जवान लगाये गये है ताकि यातायात सुचारुरूप से चालू रहे बावजूद जाम लगा रहता है.
