वीवीआइपी मूवमेंट में व्यस्त रहता है एंबुलेंस, मरीजों को परेशानी

कोइलवर . प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोइलवर का 102 एंबुलेंस वीवीआइपी मूवमेंट में व्यस्त रहता है, जिससे येन वक्त पर मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का एंबुलेंस महीने में लगभग आठ से दस दिन वीवीआइपी या वीआइपी मूवमेंट के एस्कॉर्ट में व्यस्त रहता है. वह भी पूरे दिन […]

कोइलवर . प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोइलवर का 102 एंबुलेंस वीवीआइपी मूवमेंट में व्यस्त रहता है, जिससे येन वक्त पर मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का एंबुलेंस महीने में लगभग आठ से दस दिन वीवीआइपी या वीआइपी मूवमेंट के एस्कॉर्ट में व्यस्त रहता है.
वह भी पूरे दिन के लिए बुक रहता है. पटना जिले से भोजपुर में जैसे ही किसी बड़े नेता या अधिकारी पहुंचते हैं. इसकी जानकारी पीएचसी कोइलवर के 102 एंबुलेंस को दी जाती है, जिसके बाद वह एंबुलेंस पुल के पूर्वी मुहाने बिहटा थाना के परेव में वीवीआइपी के आने की प्रतीक्षा में खड़ा रहता है और वह उस वीवीआइपी के एस्कॉर्ट के काफिले में शामिल हो जाता है.
यह काफिला कोइलवर की सीमा तक नहीं रहता है. बल्कि सीएस कार्यालय से ऐसा फरमान मिलता है कि वीवीआइपी मूवमेंट में उन्हें भोजपुर जिले के रानीसागर व बिक्रमगंज के क्षेत्र तक जाना होता है. जो एंबुलेंस प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नब्बे से एक सौ किलोमीटर का सफर तय करता है. इस बीच कोइलवर अस्पताल में कोई दुर्घटनाग्रस्त मरीज या प्रसूता की इमरजेंसी में जरूरत पड़ती है तो उन्हें भाड़े के वाहन में ले जाना पड़ता है, जिससे पैसे के अभाव में भाड़ा गाड़ी नहीं कर सकनेवाले मरीज के परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है.
या मरीज दम भी तोड़ देते है . क्योंकि भाड़े के वाहन में किसी प्रकार की फर्स्ट एड, ऑक्सीजन सिलिंडर या कोई मेडिकल टीम नहीं होती है लेकिन यह सुननेवाला कोई नहीं है. लोगों की मांग है कि कोइलवर अस्पताल पर दो एंबुलेंस मुहैया करायी जानी चाहिए. हालांकि इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन कुछ भी बोलने से परहेज किया है.

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