रेल के इंजन हो रहे फेल, यात्रियों की फजीहत

आरा : पटना-मुगलसराय रेलखंड पर इंजन फेल होने पर दानापुर व मुगलसराय से इंजन मंगाया जाता है. मेमू ट्रेनों के लिए तो झाझा से मेकैनिक को बुलाया जाता है. इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों के इंजन आये दिन फेल होने की घटनाएं होती है. ऐसे में दो से 15 घंटे तक ट्रेनों का परिचालन […]

आरा : पटना-मुगलसराय रेलखंड पर इंजन फेल होने पर दानापुर व मुगलसराय से इंजन मंगाया जाता है. मेमू ट्रेनों के लिए तो झाझा से मेकैनिक को बुलाया जाता है. इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों के इंजन आये दिन फेल होने की घटनाएं होती है. ऐसे में दो से 15 घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित हो जाता है. इस रेलखंड के दो बड़े रेलवे स्टेशन आरा व बक्सर में रिजर्व इंजन रखने की कोई व्यवस्था नहीं है.ऐसे में मुगलसराय व दानापुर से इंजन आने के बाद ट्रेनों का परिचालन शुरू होता है.

हाल के दिनों में इंजन फेल या इंजन में खराबी की वजह से हुई घटनाओं पर जिक्र करें, तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है. रेलवे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की बात करता है, लेकिन रेस में उसके सारथी ही जवाब दे देता है. ऐसे में पटना- मुगलसराय रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन ठप हो जाता है. इसका असर देश के विभिन्न हिस्सों में जाने वाली ट्रेनों पड़ता है. हावड़ा-दिल्ली, पटना-नागपुर, पटना-लखनऊ, दानापुर-गोरखपुर, पटना-सासाराम, मुगलसराय-गुवाहाटी, मुगलसराय-भागलपुर रूट को जोड़ता है. ऐसे में ट्रेनों का परिचालन ठप होने से देश की प्रमुख शहरों में जाने वाली ट्रेनों की टाइमिंग बिगड़ जाती है.

6350 हॉर्सपावर की क्षमतावाली इंजन का किया जा रहा प्रयोग : रेलवे हाल के दिनों में ट्रेनों के समयनुपालन को लेकर ध्यान दे रहा है. इसको लेकर पुराने इंजन को बदला जा रहा है. अब भारतीय रेलवे में सबसे पावरफुल रेल इंजन में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव WAG-9 शामिल किया गया है. इस इंजन को मालगाड़ी में इस्तेमाल किया जाता है. रेलवे के 6350 हॉर्सपावर क्षमता वाली इस इंजन का मोडिफाई वर्जन WAP-7 है. यह इंजन 24 कोच की पैसेंजर ट्रेन को 140 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से खींच सकता है.
झाझा से आते हैं मकैनिक : दानापुर डिविजन के तहत आने वाले आरा व बक्सर में न तो कोई मेकैनिक है और न ही रिजर्व इंजन की कोई व्यवस्था. ऐसे में ट्रेनों इंजन में खराबी आने के बाद दानापुर व मुगलसराय के भरोसे ही रहना पड़ता है. स्थिति ये है कि मेमू रैक में भी खराबी आने पर आरा व बक्सर में बनाने की कोई व्यवस्था नहीं है.
वर्ष 2015 मई की 21 तारीख को 13257 अप जनसाधारणएक्सप्रेस के इंजन में आग लग गयी थ थी. इस दौरान अप लाइन में करीब 15 घंटे परिचालन बाधित हुआ था. आग की वजह से अप व डाउन लाइन का ओएचई तार भी जल गया, जिसको दुरुस्त करने में 15 घंटे लग गये.
साल 2017 दिन 6 अक्टूबर के दिन आनंदविहार से भागलपुर जा रही स्पेशल ट्रेन का इंजन चौसा और बक्सर के बीच में ऐसा फेल हुआ कि उसका चक्का जाम हो गया. इसके बाद दूसरे इंजन से भी ट्रेन न तो आगे बढ़ी और न ही पीछे गई. इस वजह से डाउन लाइन में करीब सात घंटे तक परिचालन ठप हो गया. इसके कारण दर्जनभर गाड़ियों का परिचालन ठप रहा.
11 मई 2017 को दानापुर रेल मंडल के टुंडीगंज व डुमरांव रेलवे स्टेशनों के बीच विक्रमशिला एक्सप्रेस का इंजन फेल हो गया व डुमरांव स्टेशन का प्वाइंट फेल हो गया था. इसके कारण राजधानी सहित 20 से ज्यादा ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया था. इस दौरान 6 घंटे तक ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया था.

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